Lakhimpur Kheri: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन को लेकर लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन अब बेहद सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक कर सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
जीरो लाइन से 15 किमी तक चलेगा ‘सफाई’ अभियान
बैठक के दौरान मुख्य रूप से ‘नो मैंस लैंड’ (दो देशों के बीच की खाली जमीन) और ‘जीरो लाइन’ से भारतीय सीमा के भीतर 15 किलोमीटर तक के दायरे में हुए अतिक्रमण को हटाने पर विस्तृत रणनीति बनी। इस क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण को सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा माना जा रहा है।
Lakhimpur Kheri: SSB और प्रशासन की संयुक्त टीमें उतरेंगी मैदान में
रणनीति के अनुसार, अब एसएसबी (SSB) और राजस्व विभाग/प्रशासन की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें निम्नलिखित बिंदुओं पर काम करेंगी:
* निरीक्षण और सत्यापन: टीमें मौके पर जाकर सीमांकन की जांच करेंगी और यह तय करेंगी कि कहाँ-कहाँ नियमों का उल्लंघन हुआ है।
* अतिक्रमण हटाना: सत्यापन के बाद अवैध रूप से बने ढांचों और कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
* डेटा तैयार करना: सीमा के पास रहने वाले संदिग्धों और बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड भी दुरुस्त किया जाएगा।
क्यों अहम है यह कदम?
इंडो-नेपाल बॉर्डर ‘ओपन बॉर्डर’ होने के कारण यहाँ से तस्करी और घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। ‘नो मैंस लैंड’ पर अतिक्रमण होने से सुरक्षा बलों को गश्त करने और निगरानी रखने में बाधा आती है। डीएम-एसपी की इस पहल से सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद होगी।
Report BY: संजय कुमार
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