क्या अंडरवर्ल्ड का नया बादशाह बनना चाहता है लॉरेंस बिश्नोई? 4 साल में 10 सितारे निशाने पर, आखिर बॉलीवुड ही क्यों?
Lawrence Bishnoi Gang: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के 24 घंटे के भीतर दो ऑडियो वायरल हुए। इनमें से एक ऑडियो में खुद को लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई बताने वाला अनिल पंडित कथित तौर पर धमकी देता सुनाई देता है। वह कहता है कि फिल्म इंडस्ट्री में जो लोग उनसे अलग होकर काम करेंगे, उन्हें मार दिया जाएगा। दूसरे ऑडियो में दाऊद इब्राहिम पर बॉलीवुड फिल्मों के जरिए पैसा कमाने का आरोप लगाया गया है। पिछले 4 साल में 10 चर्चित हस्तियों पर हुए हमलों के मामलों में लॉरेंस गैंग का नाम सामने आ चुका है। आखिर लॉरेंस बिश्नोई कौन है, जेल में रहते हुए वह अपने गैंग को कैसे चलाता है और बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बनाने के पीछे क्या मकसद है? आइए, इन सवालों के जवाब विस्तार से समझते हैं।
Lawrence Bishnoi Gang: टाइगर श्रॉफ पर हमले में अब तक क्या पता चला?
18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर जुहू से लौट रहे थे। पुष्पा पार्क के पास प्रशंसकों की भीड़ होने के कारण उनकी कार की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान सामने और कार के किनारे से दो हमलावरों ने 5 राउंड फायरिंग की। छठी गोली चलाने की कोशिश में पिस्तौल जाम हो गई। तीसरा आरोपी बाइक चालू करके खड़ा था, जिसकी मदद से तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन 19 अक्टूबर को उन्हें राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कौन है लॉरेंस बिश्नोई?
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1993 को पंजाब के फाजिल्का में एक पुलिस कॉन्स्टेबल के घर हुआ था। उसका रंग गोरा होने के कारण मां ने उसका नाम लॉरेंस रखा। किशोरावस्था में उसे पहलवानी का शौक हो गया था। उसके पिता चाहते थे कि वह आईएएस अधिकारी बने, इसलिए उसे चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में पढ़ने के लिए भेजा गया। हालांकि, कॉलेज में पढ़ाई के दौरान लॉरेंस की दिलचस्पी छात्र राजनीति में बढ़ने लगी और इसी दौरान उसकी दोस्ती गोल्डी बराड़ से हुई।साल 2010 में लॉरेंस ने स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (एसओपीयू) की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी का चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गया। चुनाव में हार के बाद उसने गुस्से में जीतने वाले उम्मीदवार पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसी दौरान उसने पहली बार पिस्तौल भी खरीदी, हालांकि उसका इस्तेमाल नहीं किया। धीरे-धीरे वह जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया के तौर-तरीके सीखने लगा। इसके बाद शराब के कारोबार से जुड़े लोगों, नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों और कारोबारियों से फिरौती वसूलने का सिलसिला शुरू हुआ। आगे चलकर उसने हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कई गैंगस्टरों के साथ भी संबंध बनाए।

Lawrence Bishnoi Gang: जेल में बंद होने के बावजूद सक्रिय है गैंग
साल 2014 में लॉरेंस को राजस्थान में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उसे मोहाली ले जा रही थी, तभी वह हिरासत से फरार होकर नेपाल पहुंच गया। हालांकि, 2016 में उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल वह गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती जेल में बंद है। अगस्त 2023 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि उसे एक साल तक जेल से बाहर नहीं ले जाया जाए। इसके बाद उसकी अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने लगी। लॉरेंस पर हत्या और फिरौती सहित दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी उससे जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, जेल में बंद होने के बावजूद उसका गैंग सक्रिय है और उसके नेटवर्क में सैकड़ों शूटर शामिल हैं।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप
पुलिस सूत्रों और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस गैंग का काम करने का तरीका किसी कंपनी की तरह व्यवस्थित है। आरोप है कि गैंग सोशल मीडिया के जरिए कम उम्र के लड़कों को अपने नेटवर्क में शामिल करता है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी शिव कुमार गौतम ने पूछताछ के दौरान बताया था कि गैंग ने उसे सोशल मीडिया के जरिए खोजा था। उसके मुताबिक, लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई ने स्नैपचैट पर उसका इंटरव्यू लिया था।रिपोर्टों के अनुसार, गैंग में 16 से 30 साल के युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इनमें नाबालिगों को भी शामिल किया जाता है। आरोप है कि शुरुआत में उन्हें छोटे काम दिए जाते हैं, जिनके बदले 50 हजार से 1 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। इसके बाद उन्हें बड़े अपराधों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद वायरल हुए एक अन्य ऑडियो में कथित तौर पर अनिल पंडित कहता है कि उनके पास 70 हजार शूटर हैं। वह धमकी देते हुए कहता है कि अगर उनके दो लोगों को मारा गया, तो मुंबई में उनके 200 लोग जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं। हालांकि, ऑडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Lawrence Bishnoi Gang: विदेश से शूटरों तक कैसे पहुंचता है संदेश?
एनआईए के मुताबिक, लॉरेंस सीधे शूटरों से संपर्क नहीं करता। गोल्डी बराड़, सचिन बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई जैसे लोगों के जरिए संदेश आगे पहुंचाए जाते हैं। इस व्यवस्था में कई शूटर एक-दूसरे को पहचानते तक नहीं हैं। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लॉरेंस जेल के अंदर मोबाइल फोन पहुंचाने में कामयाब रहा है। इन रिपोर्टों के मुताबिक, वह वीपीएन जैसी तकनीक और टेलीग्राम तथा सिग्नल जैसे ऐप के जरिए संपर्क बनाए रखता है और विदेशों में मौजूद लोगों तक संदेश पहुंचाता है। मार्च 2023 में लॉरेंस का एक कथित इंटरव्यू जेल के अंदर से सामने आया था। इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
शूटरों को वेतन और परिवार को आर्थिक मदद देने का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गैंग में शामिल कई शूटरों को दूसरे राज्यों से बुलाया जाता है, ताकि स्थानीय लोग उन्हें पहचान न सकें। हथियार कथित तौर पर वारदात से कुछ दिन पहले पहुंचाए जाते हैं और घटना के बाद वापस ले लिए जाते हैं। नए सदस्यों को फोन और नया मोबाइल नंबर देने की बात भी सामने आई है, ताकि अपराध के बाद उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके। पुलिस सूत्रों का दावा है कि गैंग अपने सदस्यों को नियमित रकम, अतिरिक्त भुगतान और गिरफ्तारी की स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक मदद देने का वादा करती है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के आरोपी शिव कुमार गौतम ने बताया था कि उसे 10 लाख रुपये टोकन मनी के रूप में देने और हर महीने कुछ रकम देने का वादा किया गया था।
Lawrence Bishnoi Gang: फिरौती से चलता है गैंग का आर्थिक नेटवर्क
रिपोर्टों के अनुसार, लॉरेंस गैंग की कमाई का सबसे बड़ा जरिया फिरौती है। लॉरेंस ने एनआईए को बताया था कि तिहाड़, भरतपुर और फरीदकोट की जेलों में रहने के दौरान उसने कारोबारियों से करोड़ों रुपये वसूले थे। आरोप है कि इस पैसे को हवाला के जरिए शूटरों तक पहुंचाया जाता है। नवंबर 2025 में अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत भेजे जाने के बाद एनआईए ने गिरफ्तार किया था। एनआईए का आरोप है कि वह अमेरिका में रहकर आपराधिक नेटवर्क चला रहा था और विदेश से भारत में फिरौती वसूलने की गतिविधियों में भी शामिल था। रिपोर्टों में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से जुड़े ठिकानों के तौर पर अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, अजरबैजान, कनाडा और थाईलैंड जैसे देशों का उल्लेख किया गया है।लॉरेंस ने किसी बड़े मामले में जमानत के लिए आवेदन नहीं किया है। तिहाड़ जेल के पूर्व महानिदेशक संजय बेनीवाल के मुताबिक, लॉरेंस जेल को अपने लिए सबसे सुरक्षित जगह मानता है। एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार, जेल में रहने के दौरान भी उसका नेटवर्क मजबूत हुआ। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश जेल से रचे जाने की बात सामने आई थी और इस मामले में गैंग के 6 शूटरों को जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख किया गया है।
बॉलीवुड हस्तियों पर हमले करने के पीछे क्या मकसद?
पिछले कुछ वर्षों में कई चर्चित हस्तियों पर हमलों के मामलों में लॉरेंस गैंग का नाम सामने आया है। इनमें सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी की हत्याएं तथा सलमान खान, टाइगर श्रॉफ और रोहित शेट्टी से जुड़े फायरिंग के मामले शामिल हैं। इन हमलों के पीछे एक संभावित मकसद डर पैदा करके अपना प्रभाव बढ़ाना और फिरौती वसूलना माना जाता है। किसी बड़े फिल्मी सितारे को निशाना बनाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री तक धमकी का संदेश पहुंच सकता है। आरोप है कि गैंग पहले फिरौती मांगती है और इनकार करने पर घर के बाहर गोलीबारी या खुलेआम धमकियां देने जैसे कदम उठाती है। इस तरह के तरीके 1980 और 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी नेटवर्क से भी जोड़े जाते रहे हैं।
अंडरवर्ल्ड पर 12 से ज्यादा किताबें लिख चुके वरिष्ठ पत्रकार विवेक अग्रवाल के मुताबिक, लॉरेंस सलमान खान को निशाना बनाकर मुंबई में अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है। उनके अनुसार, अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग 1970, 1980 और 1990 के दशकों में भी ऐसे तरीके अपनाते थे। उनका मानना है कि लॉरेंस मुंबई में जबरन वसूली का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
Lawrence Bishnoi Gang: सलमान खान और लॉरेंस के बीच विवाद की शुरुआत
इस विवाद की शुरुआत 1998 में हुई घटना से जुड़ी बताई जाती है। फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया था। इस मामले में जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई थी। लॉरेंस बिश्नोई का कहना है कि उसके समाज में काले हिरण को पूजनीय माना जाता है। इसी वजह से उसने सलमान खान के खिलाफ नाराजगी जताई थी।साल 2018 में जोधपुर की अदालत में पेशी के दौरान लॉरेंस ने कथित तौर पर सलमान खान को धमकी दी थी कि वह उन्हें जोधपुर में ही मारेगा। इसके बाद सलमान खान के घर की रेकी करने और उनके परिवार को धमकियां देने के कई मामले सामने आए।
Lawrence Bishnoi Gang: क्या मुंबई में डी-कंपनी जैसा नेटवर्क बना सकता है लॉरेंस?
मुंबई में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच संबंधों का इतिहास पुराना रहा है। साल 1997 में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार से डी-कंपनी से जुड़े अबू सालेम ने कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस के मुताबिक, गुलशन कुमार ने पैसे देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वह इतनी रकम से वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे। 12 अगस्त 1997 को जुहू में एक मंदिर के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन पर 16 गोलियां चलाई थीं।साल 2000 में फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ की सफलता के बाद डी-कंपनी ने फिल्म की विदेशों में हुई कमाई में हिस्सा मांगा। राकेश रोशन के इनकार करने पर जनवरी 2000 में मुंबई के सांताक्रूज स्थित उनके कार्यालय के बाहर दो हमलावरों ने गोलीबारी की। इस दौरान एक गोली उनके कंधे और दूसरी छाती के पास लगी, लेकिन उनकी जान बच गई।
साल 2024 में एनआईए ने लॉरेंस के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में लॉरेंस गैंग की तुलना डी-कंपनी से की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों गिरोहों के काम करने के तरीकों में कुछ समानताएं हैं। दाऊद इब्राहिम ने नशीले पदार्थों की तस्करी, लक्षित हत्याओं और जबरन वसूली के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ाया था। बाद में इसी नेटवर्क को डी-कंपनी के नाम से जाना गया। लॉरेंस पर भी इसी तरह अपना आपराधिक साम्राज्य बढ़ाने की कोशिश करने के आरोप हैं।
दाऊद ने छोटा राजन की मदद से अपने गिरोह का विस्तार किया था। वहीं, लॉरेंस ने गोल्डी बराड़, सचिन बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई, विक्रम बराड़, काला जठेड़ी और काला राणा जैसे लोगों के साथ मिलकर अपना नेटवर्क बढ़ाया। रिपोर्टों के अनुसार, यह नेटवर्क 12 राज्यों तक फैल चुका है। डी-कंपनी के दौर में भी हथियार पहुंचाने, रेकी करने और गोलीबारी करने की जिम्मेदारियां अलग-अलग लोगों को दी जाती थीं। लॉरेंस गैंग पर भी इसी तरह काम करने का आरोप है।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि मुंबई में दाऊद का गिरोह लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में लॉरेंस गैंग को अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, अधिकारी के मुताबिक, 1990 के दशक और आज की स्थिति में काफी अंतर है। अब मुंबई पुलिस पहले की तुलना में अधिक मजबूत है। इसलिए केवल एक-दो आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर दाऊद जैसा बड़ा नेटवर्क खड़ा करना आसान नहीं होगा।

Lawrence Bishnoi Gang: पिछले 4 साल में 10 चर्चित हस्तियों पर हमले
सिद्धू मूसेवाला (29 मई 2022): पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव में हमलावरों ने कार से आए सिद्धू मूसेवाला को घेर लिया था। इसके बाद उन पर राइफल से करीब 30 राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में उनकी मौत हो गई।
गिप्पी ग्रेवाल (25 नवंबर 2023): कनाडा के वैंकूवर में गायक और अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल के घर के बाहर हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।
सलमान खान (14 अप्रैल 2024): सुबह करीब 4:50 बजे बाइक पर आए हमलावरों ने मुंबई के बांद्रा इलाके में सलमान खान के घर के बाहर 5 राउंड फायरिंग की। इनमें से एक गोली घर के अंदर भी जा पहुंची थी।
एपी ढिल्लों (सितंबर 2024): कनाडा में भारतीय मूल के गायक एपी ढिल्लों के घर के बाहर कई राउंड फायरिंग हुई थी। रिपोर्टों में इस हमले को सलमान खान के लिए संगीत तैयार करने से जोड़कर देखा गया। इस मामले में लॉरेंस गैंग का नाम भी सामने आया।
बाबा सिद्दीकी (12 अक्टूबर 2024): दशहरे की रात करीब 9:30 बजे पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी अपने कार्यालय से निकलकर गाड़ी में बैठ रहे थे। इसी दौरान तीन हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की। रिपोर्ट में 6 से 9 राउंड फायरिंग का उल्लेख है। उनके सीने और पेट में गोलियां लगीं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बाबा सिद्दीकी को सलमान खान का करीबी माना जाता था।
दिशा पाटनी के घर के बाहर फायरिंग (11 और 12 सितंबर 2025): उत्तर प्रदेश के बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर के बाहर 11 सितंबर को गोली चलने की घटना सामने आई। अगले दिन बाइक पर आए हमलावरों ने 10 से 12 राउंड फायरिंग की। घटना के समय दिशा घर पर नहीं थीं, लेकिन उनका परिवार अंदर मौजूद था।
कपिल शर्मा के कैफे पर हमला (2025): कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे के बाहर जुलाई, अगस्त और अक्टूबर 2025 में गोलीबारी की घटनाएं हुईं। इन हमलों में कैफे की खिड़कियां टूट गईं और इमारत को नुकसान पहुंचा। हालांकि, किसी की जान नहीं गई।
रोहित शेट्टी (1 फरवरी 2026): रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर बाइक पर आए हमलावरों ने 5 राउंड फायरिंग की। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।
गुरु रंधावा से जुड़े जिम के बाहर फायरिंग (जून 2026): दिल्ली के पश्चिम विहार में सुबह करीब 4 बजे एक जिम के बाहर कई राउंड गोलीबारी हुई। इस जिम का संबंध गायक गुरु रंधावा से बताया गया। रिपोर्टों में दावा किया गया कि सलमान खान से उनकी नजदीकी के कारण उन्हें निशाना बनाया गया था।
टाइगर श्रॉफ (18 अक्टूबर 2026): टाइगर श्रॉफ पर तीन हमलावरों ने 5 राउंड फायरिंग की। हालांकि, उन्हें कोई गोली नहीं लगी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक की उम्र 17 साल बताई गई।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद लॉरेंस गैंग एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने, अलग-अलग लोगों के माध्यम से संदेश पहुंचाने और फिरौती वसूलने जैसे तरीकों को उसके नेटवर्क से जोड़ा जाता रहा है। बॉलीवुड हस्तियों पर हमलों से फिल्म इंडस्ट्री में डर पैदा करने और अपनी ताकत दिखाने की कोशिश का आरोप भी लगाया जाता है। हालांकि, लॉरेंस गैंग मुंबई में दाऊद इब्राहिम जैसा अंडरवर्ल्ड खड़ा कर पाएगी या नहीं, यह आने वाले समय में पुलिस की कार्रवाई, जांच और कानून व्यवस्था पर निर्भर करेगा।








