LPG Crisis: मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई जगहों पर लोग गैस सिलेंडर भरवाने के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। हालांकि अधिकांश इलाकों में घरेलू एलपीजी की सप्लाई सामान्य बताई जा रही है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता पर कुछ असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
एक पोस्ट तेजी से हो रहा वायरल
इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों की संभावित कमाई को लेकर एक कैलकुलेशन साझा की गई है। यह पोस्ट उत्तर प्रदेश के वाराणसी के एक 23 वर्षीय निवेशक द्वारा साझा की गई थी। पोस्ट में बताया गया कि हाल ही में उन्हें एलपीजी सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ी हुई कीमत के बाद 976 रुपये में मिला। उन्होंने डिलीवरी कर्मचारी को 1,000 रुपये दिए, लेकिन उसके पास छुट्टे पैसे नहीं थे क्योंकि उसके पास केवल 500 रुपये के नोट थे। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने डिलीवरी कर्मचारियों की कमाई का अनुमान लगाया। पोस्ट में दावा किया गया कि यदि कोई डिलीवरी वर्कर रोजाना लगभग 30 से 40 सिलेंडर पहुंचाता है और हर सिलेंडर पर औसतन 25 रुपये अतिरिक्त (टिप या सर्विस चार्ज) मिलते हैं, तो उसकी रोजाना अतिरिक्त कमाई करीब 750 से 1,000 रुपये तक हो सकती है। इस हिसाब से महीने में लगभग 30,000 रुपये तक अतिरिक्त आय संभव है, जबकि उसकी मूल सैलरी अलग से मिलती है। हालांकि यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस गणना पर सवाल भी उठाए। कई लोगों ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का काम बेहद मेहनत और जोखिम भरा होता है, इसलिए केवल टिप के आधार पर कमाई का आकलन करना उचित नहीं है।
Today I have received LPG Cylinder !
LPG cylinder costs me ₹976 as ₹60 increased.
I have offered ₹1,000 to Delivery person but he has no change, because he has only ₹500 Notes.
I am wondering he is delivering 30-40 Cylinders a day means ₹25 per cylinder he is earning…
— Pratham khanna (@Portfolio_Bull) March 11, 2026
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि 30-40 सिलेंडर रोजाना डिलीवर करना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सिलेंडर का वजन 16 किलो से ज्यादा होता है और कई बार कर्मचारियों को इन्हें ऊपरी मंजिलों तक पहुंचाना पड़ता है। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि कई डिलीवरी कर्मचारी एक साथ 15-20 सिलेंडर पुशकार्ट में लादकर ले जाते हैं और उन्हें गर्मी, बारिश, ट्रैफिक और भारी वजन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि तीसरी या चौथी मंजिल तक सिलेंडर पहुंचाना शारीरिक रूप से काफी कठिन काम है, इसलिए ऐसे कर्मचारियों को मिलने वाली टिप को कम नहीं आंका जाना चाहिए।
LPG Crisis: शहरों में सप्लाई को लेकर चिंता
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है। हाल ही में भारत में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 144 रुपये तक इजाफा हुआ है। कुछ शहरों में सप्लाई को लेकर चिंताएं भी सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जगहों पर सिलेंडर की कमी के चलते लोग अतिरिक्त स्टॉक लेने लगे हैं। वहीं कुछ इलाकों में ब्लैक मार्केट में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,500 से 1,800 रुपये तक पहुंचने की बात भी कही जा रही है। सरकार ने स्थिति को देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सप्लाई व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू खपत में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
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