Lpg crisis: आज संसद में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक को लेकर देश की जनता से सच्चाई छिपा रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि हकीकत में देश के कई हिस्सों में ईंधन और रसोई गैस की किल्लत देखने को मिल रही है, इसलिए सरकार को सामने आकर पूरी स्थिति साफ करनी चाहिए।
राहुल गांधी ने मांगी चर्चा
इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में चर्चा की मांग करते हुए नोटिस दिया। राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि एलपीजी की संभावित कमी से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जाए और स्थिति पर स्पष्ट जानकारी दी जाए। उनके नोटिस के बाद संसद में गैस संकट पर चर्चा के लिए सहमति बन गई और बहस की शुरुआत भी राहुल गांधी ने ही की।
Lpg crisis: सरकार का दावा- सप्लाई सुरक्षित
इस दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि देश में गैस और कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि एलएनजी के दो बड़े कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं, जो जल्द ही देश पहुंच जाएंगे और इससे सप्लाई को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
Lpg crisis: लोगों से अपील- घबराकर बुकिंग न करें
हालांकि, मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि घबराकर एलपीजी सिलेंडर की अतिरिक्त बुकिंग न करें। इसके बावजूद कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोगों में सिलेंडर लेने की होड़ मची हुई है।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
Lpg crisis: सरकार ने यह भी साफ किया है कि सिलेंडरों की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जो लोग गैस सिलेंडर जमा करके बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
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