Maharashtra: शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के “10 मिनट में मुंबई बंद” करने के दावे पर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। इस बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा पलटवार करते हुए इसे खोखली धमकी करार दिया और कहा कि भाजपा और मौजूदा सरकार ऐसी बयानबाजी से डरने वाली नहीं है।
फडणवीस का तंज इलाके के बाहर भी असर नहीं
मुख्यमंत्री फडणवीस ने संजय राउत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सिर्फ बयान देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा,“राउत अपने घर के आसपास का इलाका भी बंद नहीं करा सकते, मुंबई बंद करने की बात कर रहे हैं।”
Maharashtra: क्या था संजय राउत का दावा?
एक मीडिया में संजय राउत ने कहा था कि शिवसेना की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत आज भी यही है कि वह 10 मिनट में मुंबई बंद करा सकती है।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन पार्टी की संगठनात्मक शक्ति आज भी कायम है। राउत ने यह भी कहा कि जब तक ठाकरे परिवार जीवित है, तब तक मराठी अस्मिता और मुंबई सुरक्षित है, और यह बात भाजपा नेतृत्व भी जानता है।
शिंदे प्रकरण का जिक्र कर राउत को घेरा
फडणवीस ने राउत के बयान को खारिज करते हुए एकनाथ शिंदे प्रकरण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब शिंदे ने उद्धव ठाकरे से अलग होकर गुवाहाटी जाने का फैसला किया था, तब भी यूबीटी की ओर से कहा गया था कि वे मुंबई नहीं आ पाएंगे। इसके बावजूद शिंदे 50 विधायकों के साथ मुंबई लौटे, सड़कों से राजभवन पहुंचे और बाद में सरकार बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब जनता के सामने हुआ, इसलिए मौजूदा दावे सिर्फ हवा-हवाई हैं।
Maharashtra: बालासाहेब ठाकरे के दौर से तुलना
देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार किया कि बालासाहेब ठाकरे के समय एक इशारे पर मुंबई दो घंटे में बंद हो जाया करती थी, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि
“अब शिवसेना (यूबीटी) के पास वैसी ताकत नहीं बची है।”
‘सरकार धमकियों से नहीं डरेगी’
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार और भाजपा गीदड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत दिनभर बयान देकर केवल मीडिया में बने रहना चाहते हैं, लेकिन इन बयानों का जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।






