Meerut News: मेरठ के पल्लवपुरम इलाके में घने कोहरे ने एक खुशहाल परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। शुक्रवार देर रात सीएनजी पंप के पास पीएसी नाले की पुलिया पर एक कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में समा गई। इस भयानक हादसे में मात्र डेढ़ साल के मासूम बच्चे गना की सांसें थम गईं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दौराला की डेयरी कॉलोनी के रहने वाले 25 वर्षीय फर्नीचर कारोबारी संयम सिंह अपने परिजनों संग रिंग सेरेमनी के जश्न से लौट रहे थे जब मौत ने उनका पीछा कर लिया।
नाले में कैसे गिरी कार?
कार्यक्रम कचहरी के नजदीक संपन्न होने के बाद संयम ने परिवार व रिश्तेदारों के साथ श्याम वाटिका, कृष्णा नगर स्थित रिश्तेदार महेश के आवास पर थोड़ा समय बिताया। वहां से रवाना होते हुए कार में संयम, उनकी पत्नी शालिनी, मां आरती, बेटा गना, फूफेरे भाई आकाश विकास और रिश्तेदार सुशीला सवार थे। रात के अंधेरे में घना कोहरा दृश्यता को शून्य कर चुका था। जैसे ही वाहन पुलिया पर पहुंचा चालक को रास्ता नजर न आया और कार फिसलकर नाले में पलट गई। नाले का गंदा पानी तेजी से भर गया जिसमें मासूम गना फंस गया।
हादसे के तुरंत बाद संयम ने जान बचाई और चीखें मारकर मदद मांगी। ग्रामीणों ने फौरन डटकर बचाव शुरू किया। बच्चे को नाले के दूसरी छोर से बाहर निकाला गया लेकिन उसके मुंह व नाक में कीचड़ भरा गंदा पानी घुस चुका था। उसे पहले एसडीएस अस्पताल भेजा गया जहां से स्थिति बिगड़ने पर कैलाशी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने घंटों संघर्ष किया मगर गना को बचाया नहीं जा सका। शव के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
Meerut News: पुलिस ने मामले में क्या बताया?
पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पहले क्रेन से कार निकालने की कोशिश नाकाम रही फिर हाईड्रा मशीन बुलाई गई। लंबी मशक्कत के बाद वाहन बाहर आया। सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि सर्दी के इस मौसम में कोहरा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। दृश्यता जीरो होने से चालक भ्रमित हो गया। उन्होंने चेतावनी दी कि रात में वाहन चलाते समय धीमी गति अपनाएं फॉग लाइट जलाएं और हेडलाइट्स का सही उपयोग करें।
Report By: यश मित्तल
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