Meerut Nerws : मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। किदवई नगर स्थित सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर-1 में एक तीन मंज़िला मकान में अचानक भड़की आग ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। इस दर्दनाक घटना में पांच मासूम बच्चों और एक महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें छह माह की जुड़वां बेटियां भी शामिल थीं।

हादसे के वक्त मकान मालिक और कपड़ा कारोबारी इकबाल उर्फ़ आसिम अपने भाई फारुख के साथ नमाज़ पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी रुख़सार (30), मां अमीर बानो (55) और पांच बच्चे मौजूद थे। बच्चे खेल रहे थे और महिलाएं रसोई में थीं कि अचानक आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते-देखते धुएं का गुबार आसमान में उठने लगा और मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।
संकरी गलियां बनीं चुनौती
इलाका बेहद तंग गलियों वाला है, जिससे दमकल की बड़ी गाड़ियां भीतर नहीं पहुंच सकीं। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन हालात आसान नहीं थे। ऐसे में स्थानीय लोग आगे आए। पड़ोसियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए छतों और सीढ़ियों के सहारे जलते मकान में प्रवेश किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। बाइक फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया। करीब 30 मिनट तक परिवार आग के बीच फंसा रहा।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते टूट गई सांसें
रेस्क्यू के बाद सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने रुख़सार और पांच बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में इकबाल-रुख़सार की छह माह की जुड़वां बेटियां नाबिया और इनायत, जबकि फारुख की बेटी महविश (12) और बेटे हम्माद (4) शामिल हैं। अमीर बानो और एक पड़ोसी गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग की वजह पर अलग-अलग दावे
पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस लीकेज कारण हो सकता है। घर में कपड़ों का बड़ा स्टॉक भी मौजूद था, जिससे आग तेजी से फैली। राहत की बात यह रही कि घरेलू गैस सिलेंडर नहीं फटा, वरना नुकसान और भी भयावह हो सकता था।
प्रशासन मौके पर, पिता का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसपी क्राइम अवनीश कुमार अस्पताल पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि सात लोगों का रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान छह की जान नहीं बच सकी। मस्जिद से लौटकर जले हुए घर को देख इकबाल बेसुध हो गए। उनके आंसू थम नहीं रहे थे। मोहल्ले के लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे, लेकिन इस त्रासदी ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।






