MISHRI VISIT US: विक्रम मिस्री के अमेरिका दौरे के दौरान भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम बातचीत हुई। इस दौरान ऊर्जा, नई तकनीक और रक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया।
ऊर्जा सहयोग पर फोकस
वॉशिंगटन में मिस्री ने अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से मुलाकात की। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को विस्तार देने और नई संभावनाओं की पहचान पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर, कोल गैसीफिकेशन और एलपीजी एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
MISHRI VISIT US: नई तकनीक और सप्लाई चेन पर जोर
मिस्री ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अधिकारियों, खासकर विलियम किमिट के साथ महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा की। इसमें भरोसेमंद सप्लाई चेन को मजबूत करना और एआई टेक्नोलॉजी के अवसर तलाशना शामिल रहा।
रक्षा साझेदारी में मजबूती
अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इस दौरान रक्षा उपकरणों की बिक्री, सैन्य तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
MISHRI VISIT US: रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा
मिस्री ने व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से भी मुलाकात की। बातचीत में हिंद-प्रशांत क्षेत्र, वैश्विक चुनौतियों और आपसी रणनीतिक हितों पर विचार-विमर्श हुआ।
मजबूत होती वैश्विक साझेदारी
इन बैठकों से साफ है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं। पिछले एक दशक में दोनों देशों ने ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर अपनी साझेदारी को एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक रिश्ते में बदल दिया है।
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