Modi Cabinet Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा करने की तैयारी में है। इसके लिए 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव ने सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मंत्रालयों की योजनाओं, उनकी प्रगति और जनता को मिल रहे लाभों की समीक्षा की जाएगी। सभी मंत्रालयों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
Modi Cabinet Expansion: सभी मंत्रालयों से मांगी गई परफॉर्मेंस रिपोर्ट-
कैबिनेट सचिवालय की ओर से सभी मंत्रालयों को अपनी योजनाओं और कामकाज की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। इसमें वर्तमान में चल रही योजनाओं, उनकी प्रगति, आम जनता को मिल रहे लाभ और भविष्य में प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की जानकारी शामिल होगी। 27 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कैबिनेट सचिव सभी मंत्रालयों के सचिवों से क्रमवार जानकारी लेंगे। इस दौरान मंत्रालयों के कामकाज और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद तैयार की गई समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखी जाएगी। एक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रिपोर्ट के आधार पर उच्चस्तरीय बैठक में आगे के कदमों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, बैठक के बाद किन फैसलों पर मुहर लगेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Modi Cabinet Expansion: ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर जोर-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर जोर देते रहे हैं। सरकार का उद्देश्य कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ आम लोगों के जीवन को भी सुविधाजनक बनाना है। इसी दिशा में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार की कोशिश है कि सुविधाओं और योजनाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि कस्बों और गांवों के लोगों तक भी पहुंचे।
योजनाओं को सैचुरेशन मोड तक पहुंचाने की तैयारी-
सरकार का जोर अब तक शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर है। इसी उद्देश्य से पिछले दिनों देशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभागों के शिविर भी लगाए गए। सरकार चाहती है कि योजनाओं का लाभ उन सभी पात्र लोगों तक पहुंचे, जो अब तक किसी वजह से इससे वंचित रह गए हैं। मंत्रालयों की समीक्षा को भी इसी व्यापक प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने की तैयारी-
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य और केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने जनविश्वास को अपनी यात्रा का आधार बताते हुए नई ऊर्जा के साथ काम करने और सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था। अब मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के जरिए सरकार अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं का आकलन कर सकती है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच समीक्षा पर नजर-
मंत्रालयों की इस समीक्षा को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। विपक्षी दल सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, सरकार का जोर अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर है। 27 अक्टूबर की बैठक में मंत्रालयों की ओर से दी जाने वाली जानकारी और उसके आधार पर तैयार रिपोर्ट पर नजर रहेगी। हालांकि, इस बैठक को कैबिनेट विस्तार से सीधे जोड़ने या किसी बड़े फेरबदल का संकेत मानने के लिए फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
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