Pankaj Chaudhary: उत्तर प्रदेश भाजपा को जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। शनिवार को सांसद पंकज चौधरी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।नामांकन से पहले केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के तहत भाजपा के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि आज चुनाव से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं, जिसके लिए पार्टी संगठन पूरी तरह सक्रिय है।
पीडीए की काट के लिए कुर्मी कार्ड, पंकज चौधरी पर मुहर
पंकज चौधरी कुर्मी (पिछड़ा) वर्ग से आते हैं, जो यूपी में एक बड़ा और महत्वपूर्ण वोट बैंक है। यूं तो पार्टी में पहले से ही कई बड़े ओबीसी चेहरे हैं, पर पंकज पर दांव लगाकर पार्टी ने पीडीए की काट करने का प्रयास किया है। ज्ञात हो कि 12 दिसंबर को बीएल संतोष के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक ने चुनाव की प्रक्रिया को लेकर एक बैठक की थी। उसमें उन्होंने सभी सहमति ले ली थी। केंद्रीय नेतृत्व का फरमान सुना दिया था।
Pankaj Chaudhary: पहले से चल रही थी नाम पर चर्चा
शनिवार का दिन नामांकन के लिए पहले ही तय कर दिया गया था। सुबह से पार्टी कार्यालय में हलचल मची थी। दिल्ली से लखनऊ पहुंचे पंकज ने अपना नामांकन किया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और विनोद तावड़े पहले से मौजूद थे। इस दौरान संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह पूरी निगरानी कर रहे थे। वह चुनाव की तैयारी को लेकर सुबह से निर्देश दे रहे थे।
नए चेहरे पर भाजपा का दांव
राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा ने पंकज चौधरी को पार्टी ने प्रदेश का नया चेहरा बनाकर एक अलग रणनीति बनाई है। जातीय समीकरण साधने के साथ संगठन को नई धार देने का प्रयास किया है। अब देखना होगा पंकज चौधरी क्या भाजपा के इस जातीय फेक्टर पर खरा उतर पाते है? कई नामों के बाद पंकज चौधरी के नाम पर ताल ठोकी गई है।
यह भी पढे : सम्राट चौधरी के लालू यादव की जब्त संपत्ति पर स्कूल खोलने के बयान से गरमाई सियासत







