PARLIAMENT NEWS: मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कार्यवाही के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े और बेहोश हो गए। पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं बताई जा रही थी। घटना के तुरंत बाद सदन में मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच कर उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
सदन में बेहोश हुए मंत्री, देर से पहुंची एंबुलेंस
सूचना मिलते ही मेडिकल टीम सक्रिय हुई, लेकिन मौके पर एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाई। स्थिति को देखते हुए कंसाना को उनकी ही सरकारी गाड़ी से निजी अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद एंबुलेंस विधानसभा पहुंची, लेकिन तब तक मंत्री को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा चुका था। अस्पताल में उनकी विस्तृत जांच की गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर खुद उनका हालचाल लेने पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार कंसाना की हालत फिलहाल स्थिर है।
PARLIAMENT NEWS: किसान के मुद्दों पर सदन में हंगामा
कंसाना की तबीयत ऐसे समय बिगड़ी जब सदन में विपक्ष किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला कर रहा था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में खाद संकट, फसल खरीदी, उचित मुआवज़ा और किसान कल्याण योजनाओं की कमियों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक “चिड़िया चुग गई खेत” की झांकी लेकर पहुंचे। सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी समर्थन मूल्य के लिए और कभी मुआवज़े के लिए दर–दर भटक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को राहत देने के बजाय “भावांतर का झुनझुना” बजा रही है।
सत्र के पहले दिन भी किसानों पर गरमाया था माहौल
सोमवार को सत्र के पहले दिन भी कांग्रेस ने किसानों को समय पर खाद न मिलने, कलेक्टरों द्वारा हालात स्वीकारने और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सिंघार ने कहा कि सरकार सिर्फ आंकड़ों के सहारे काम चला रही है और किसानों की असल समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने मक्का बोया है, उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही और जिलों में खाद संकट चरम पर है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद के बजाय “लाठियां” मिलीं।
PARLIAMENT NEWS: विपक्ष किसानों का अपमान कर रहा- मंत्री
विपक्ष के आरोपों पर कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने सत्र के दौरान जवाब देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों किसान हितैषी हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों के हित के प्रति समर्पित नहीं होती, तो मध्य प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवार्ड नहीं मिलता। कंसाना ने विपक्ष की बयानबाजी को किसानों का अपमान बताया और कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप वास्तविकता से परे हैं।
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