Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कुर्सी छोड़ देने और राज्यसभा में जाने का जो निर्णय लिया, उसके बाद से बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। जहां एक ओर नीतीश की पार्टी के कार्यकर्ता अभी भी भावुक अपील कर रहे हैं नीतीश बिहार न छोड़ें, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष को कटाक्ष करने का अच्छा मौका मिल गया है।बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश का अगला सीएम जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि दिल्ली के मेहरबानी से बनेगा। प्रदेश की सरकार जनता के जनादेश से नहीं, दिल्ली से चलाई जाएगी।
यह नीतीश की इच्छा से नहीं हुआ
उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों, गरीबी, महंगाई और बेदखली की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। हजारों लोग अपने घरों से बेदखल होकर बिहार लौट रहे हैं। गैस संकट के कारण नौकरियां खतरे में हैं। बिहार सरकार ने इन लोगों की मदद के लिए कुछ नहीं किया और न ही इस मुद्दे पर कोई चर्चा की।
Patna: दिल्ली से चलेगी बिहार की सरकार
Patna: नीतीश को तंग किया गया
नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कल पहली बार नीतीश कुमार बोलने आए थे, लेकिन संजय झा ने उन्हें हटा दिया और बोलने से रोक दिया। कभी कोई उनका हाथ खींचता है, कभी कुर्ता खींचता है। मुख्यमंत्री जब भाषण दे रहे होते हैं तो उनकी लाइन काट दी जाती है। कभी कोई पीछे से कंधा पकड़ लेता है। मुख्यमंत्री का कितना अपमान हो रहा है।
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