Home » स्पोर्ट्स » प्रज्ञान ओझा बने टीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर, जानिए क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी

प्रज्ञान ओझा बने टीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर, जानिए क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी

Pragyan Ojha Chief Selector:

Pragyan Ojha Chief Selector: भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को टीम इंडिया का नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी अजीत अगरकर संभाल रहे थे। वहीं, रमेश पोवार को चयन समिति में शामिल किया गया है। अब प्रज्ञान ओझा की अगुवाई में चयन समिति आगामी सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन करेगी। इसमें आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 भी शामिल है।

Pragyan Ojha Chief Selector: प्रज्ञान ओझा बने टीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर-

पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा सितंबर 2025 में टीम इंडिया की चयन समिति का हिस्सा बने थे। उस समय उनके साथ आरपी सिंह को भी चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तब अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता के पद पर थे। उन्होंने जुलाई 2023 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और तीन साल से अधिक समय तक भारतीय टीम के चयन में अहम भूमिका निभाई। अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। ऐसे में उनकी जगह लेने वाले नए मुख्य चयनकर्ता के सामने टीम के प्रदर्शन को बरकरार रखने की चुनौती होगी।

Pragyan Ojha Chief Selector: रमेश पोवार की एंट्री के बाद मिला बड़ा पद-

चयन समिति में रमेश पोवार की एंट्री के बाद प्रज्ञान ओझा को मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी मिलने की बात सामने आई है। ओझा को चयन समिति में मौजूद पूर्व खिलाड़ियों में टेस्ट क्रिकेट का सबसे अधिक अनुभव होने का फायदा मिला है। मौजूदा चयन समिति में प्रज्ञान ओझा, रमेश पोवार, आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास शामिल हैं। इस समिति के सामने भारतीय टीम के लिए सही खिलाड़ियों का चयन करने की अहम जिम्मेदारी होगी। खासतौर पर वनडे वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए टीम का संतुलन बनाना महत्वपूर्ण होगा।

कैसा रहा है प्रज्ञान ओझा का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड-

प्रज्ञान ओझा ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़े इस प्रकार हैं।

टेस्ट क्रिकेट: प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट मैचों में 30.26 की औसत से 113 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने सात बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। वहीं, एक टेस्ट मैच में 10 विकेट भी अपने नाम किए।

वनडे क्रिकेट: ओझा ने भारत के लिए 18 वनडे मुकाबले खेले और 31.04 की औसत से 21 विकेट हासिल किए। इस प्रारूप में उनका इकॉनमी रेट 4.46 रहा।

टी-20 क्रिकेट: प्रज्ञान ओझा ने छह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 13.20 की औसत से 10 विकेट लिए। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 6.28 रहा।

उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को समझने की क्षमता चयन समिति में उनकी भूमिका के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

ईशान किशन और भुवनेश्वर कुमार को लेकर लिए अहम फैसले-

चयन समिति में शामिल होने के बाद प्रज्ञान ओझा की भूमिका को लेकर काफी चर्चा हुई। ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी के फैसले में ओझा और आरपी सिंह के योगदान की बात कही गई है। इसके अलावा, कार्यवाहक मुख्य चयनकर्ता के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के दौरान भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी से जुड़ा फैसला भी चर्चा में रहा। इन फैसलों के बाद ओझा से भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

वर्ल्ड कप 2027 के लिए होगी बड़ी चुनौती-

वनडे वर्ल्ड कप 2027 भारतीय क्रिकेट टीम के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट होगा। ऐसे में चयन समिति को खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को ध्यान में रखकर टीम तैयार करनी होगी। प्रज्ञान ओझा की अगुवाई में चयन समिति के सामने युवा खिलाड़ियों को मौका देने और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। आने वाले समय में उनके फैसलों पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।

यह भी पढ़े- मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका, अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33% पर पहुंची