ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, भावुक बयान के बाद बढ़ा विवाद

अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, भावुक बयान के बाद बढ़ा विवाद

Prashant Singh up:

Prashant Singh up: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने मंगलवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। “मुख्यमंत्री का अपमान अब बर्दाश्त नहीं कर सकता,” कहते हुए उन्होंने अपने पद से हटने का फैसला लिया।

पत्नी से बात करते हुए फूट-फूटकर रोए

48 वर्षीय प्रशांत कुमार ने इस्तीफा देने के बाद पत्नी से फोन पर बातचीत की, जिसमें वे भावुक हो गए। रोते हुए उन्होंने कहा, “जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले दो दिनों से मानसिक पीड़ा में थे और नींद नहीं ले पाए थे।

Prashant Singh up: इस्तीफे के बाद खड़ा हुआ नया विवाद

इस्तीफे के तुरंत बाद प्रशांत कुमार विवादों में आ गए। उनके भाई विश्वजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रशांत कुमार को दिव्यांग कोटे से नौकरी मिली है और उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी है। इस मामले में फिलहाल जांच चल रही है।

Prashant Singh up: अधिकारियों की लंबी बैठक

मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे CDO कृष्ण कुमार सिंह, ADM योगानंद पांडे, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार और SP सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी प्रशांत कुमार के कार्यालय पहुंचे। करीब पांच घंटे तक चली बातचीत के बाद अधिकारी बिना कोई जानकारी दिए लौट गए। इसके बाद प्रशांत कुमार को अधिकारियों के साथ ले जाया गया। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें लखनऊ लाया जा रहा है। उनकी गाड़ी में एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था।

दो दिन में दो अफसरों के इस्तीफे

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने फैसले की वजह UGC का नया कानून और अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई को बताया था। हालांकि शासन ने उनका इस्तीफा नामंजूर करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। इस तरह दो दिनों में प्रदेश में दो वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे सामने आए हैं।

‘विरोध का तरीका संविधान में तय है’

प्रशांत कुमार ने कहा कि वे तब तक सरकारी काम करते रहेंगे, जब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, “संविधान में विरोध करने का तरीका तय है। ठेला-गाड़ी या पालकी पर बैठकर मुख्यमंत्री को अपमानजनक शब्द कहना गलत है। ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं।”

यह भी पढे़ : भुवनेश्वर में देसी बम विस्फोट से हड़कंप, 2 महिलाओं समेत 4 घायल

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल