ख़बर का असर

Home » Editorial » सात साल बाद भी ताजा है जख्म, पुलवामा की बरसी पर फिर नम हुई देश की आंखें

सात साल बाद भी ताजा है जख्म, पुलवामा की बरसी पर फिर नम हुई देश की आंखें

सात साल बाद भी ताजा है जख्म, पुलवामा की बरसी पर फिर नम हुई देश की आंखें

Pulwaama Attack: 14 फरवरी 2019 यह तारीख देश की स्मृतियों में हमेशा के लिए दर्ज हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे भारत को झकझोर दिया था। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन से सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया। धमाका इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए और पलभर में 40 जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।
उस दिन श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर उठी धूल और धुएं की लहर ने पूरे देश को शोक और आक्रोश में डुबो दिया था। आज, सात वर्ष बीत जाने के बाद भी, यह दर्द न तो शहीद परिवारों के दिलों से मिट पाया है और न ही देश की स्मृति से।

मोगा में गूंजती शहादत की याद

पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले शहीद जयमल सिंह का घर आज भी उस दिन की यादों से भरा है। बरसी के मौके पर परिवार की आंखें नम हो गईं। पिता ने बताया कि बेटे के नाम पर गांव में सड़क का निर्माण हो रहा है। यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है लेकिन हर ईंट के साथ बेटे की याद और भी गहरी हो जाती है।मां की आवाज भर्रा जाती है जब वह कहती हैं कि एक मां के लिए बेटे की शहादत पर गर्व तो होता है, लेकिन उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। यह दर्द कभी खत्म नहीं होता उनकी आंखों से छलकते आंसू बहुत कुछ कह जाते हैं।पत्नी ने भी भावुक स्वर में बताया कि जीवन ने अचानक करवट ले ली थी। अब उनका बेटा बड़ा हो रहा है, पढ़ाई में मन लगाता है और अपने पिता की तस्वीर के सामने खड़ा होकर उन्हें याद करता है। वह समझ चुका है कि उसके पिता देश के लिए बलिदान हुए, और यही बात उसे मजबूत बनाती है।

Pulwaama Attack: कैसे हुआ था हमला?

हमले के दिन सीआरपीएफ का बड़ा काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर बढ़ रहा था। तभी आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार को बस से टकरा दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका दहल उठा। कई जवान मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।इस घटना ने पूरे देश में गहरा आक्रोश पैदा किया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

Pulwaama Attack: बालाकोट में भारत की जवाबी कार्रवाई

हमले के कुछ ही दिनों बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई को बालाकोट एयरस्ट्राइक के नाम से जाना जाता है। भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर यह संदेश दिया कि देश अपने जवानों की शहादत को यूं ही नहीं जाने देगा।यह कदम आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति का प्रतीक बना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा।

शहादत की गूंज आज भी कायम

सात साल बाद भी पुलवामा हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन चुका है। हर बरसी पर देश शहीदों को नमन करता है, मोमबत्तियां जलती हैं और लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।शहीद जयमल सिंह और उनके साथ बलिदान देने वाले सभी जवानों की याद आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। यह दिन हमें न केवल उनके साहस और बलिदान की याद दिलाता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश भी देता है।पुलवामा की वह दोपहर भले ही बीत गई हो, लेकिन उसकी गूंज आज भी हर भारतीय के दिल में सुनाई देती है।

ये भी पढ़े: इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी: ममता सरकार पर फिर उठे सवाल

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल