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राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी कीं नई तस्वीरें, अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Ram Mandir: रामलला के दर्शन को अयोध्या में उमड़ी भीड़

Ram Mandir: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को मंदिर की नई तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचते और रामलला के दर्शन करते नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में भक्त पूजा-अर्चना करते और पूरे परिसर में भक्ति भाव के साथ घूमते दिखाई दे रहे हैं। ट्रस्ट का कहना है कि हाल के विवादों और आरोपों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।

ट्रस्ट ने कहा- श्रद्धालुओं की संख्या में नहीं आई कमी

ट्रस्ट के मुताबिक, राम मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवाह पूरी तरह सामान्य बना हुआ है। बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि प्रचार और बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए आरोपों के बावजूद मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई। उन्होंने इसे करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण बताया। ट्रस्ट ने कहा कि लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु दिखाते हैं कि भ्रामक और निराधार आरोपों के बावजूद राम भक्तों का विश्वास मंदिर के प्रति कायम है।

Ram Mandir: रामलला के दर्शन को अयोध्या में उमड़ी भीड़

Ram Mandir: CEO की नियुक्ति का फैसला करीब एक महीने टला

अयोध्या में बुधवार को ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। इसमें ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति समेत कई प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की गई। हालांकि, चयन समिति ने बड़ी संख्या में मिले आवेदनों की जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके चलते CEO की नियुक्ति का फैसला करीब एक महीने के लिए टाल दिया गया। फिलहाल आवेदनों की जांच, पात्रता सत्यापन और योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया जारी है।

Ram Mandir: रामलला के दर्शन को अयोध्या में उमड़ी भीड़

पूर्णकालिक महासचिव और प्रवक्ता की नियुक्ति पर फैसला

बैठक में ट्रस्ट ने पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया। इसके अलावा हालिया दान गबन विवाद के बीच संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक अनुष्ठानों की पारंपरिक शुद्धता एवं मर्यादा बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति के पुनर्गठन का भी फैसला किया गया।

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