Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट सामने आया, जिसमें छह महीने पहले वायरल हुए वीडियो विवाद और ‘अग्निपरीक्षा’ का जिक्र किया गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी है।
वायरल वीडियो विवाद से जुड़ा मामला
साध्वी प्रेम बाईसा का नाम जुलाई 2025 में उस समय चर्चा में आया था, जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वे एक व्यक्ति के गले लगती नजर आ रही थीं, जिसे अश्लील बताकर प्रचारित किया गया था। जिसके बाद साध्वी ने 16 जुलाई 2025 को बोरानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) हैं और यह वीडियो वर्ष 2021 का है, जब वे अवसाद में थीं और पिता ने उन्हें ढांढस बंधाया था।
Sadhvi Prem Baisa: ब्लैकमेलिंग और 20 लाख की फिरौती का आरोप
अपनी एफआईआर में साध्वी ने आरोप लगाया था कि उनके ही पूर्व स्टाफ सदस्यों ने साजिश रचकर यह वीडियो वायरल किया। आरोपियों में साउंड सिस्टम ऑपरेटर जोगेंद्र उर्फ जोगाराम, पूर्व ड्राइवर रमेश, जोगेंद्र की पत्नी कृष्णा और दो अन्य लोग शामिल थे। साध्वी का कहना था कि जोगेंद्र ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से वीडियो निकाला और फिर 20 लाख रुपये की मांग करते हुए ब्लैकमेल किया। रकम न देने पर 13 जुलाई 2025 को वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।

मुख्य आरोपी ने कबूल किया जुर्म
बोरानाडा पुलिस ने 20 जुलाई 2025 को मुख्य आरोपी जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (निवासी—सांईयो का तला, बाड़मेर) को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में उसने साध्वी से रंजिश की बात स्वीकार की थी। आरोप था कि आरोपी ने न केवल पैसे ऐंठने की कोशिश की, बल्कि आयोजकों को वीडियो दिखाकर साध्वी की भागवत कथाओं को रद्द करवाने का प्रयास भी किया, जिससे कई कार्यक्रम निरस्त हुए।
Sadhvi Prem Baisa: ‘अग्निपरीक्षा’ का जिक्र
उस समय साध्वी प्रेम बाईसा ने कहा था कि आरोपियों ने बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर भगवा वस्त्रों को कलंकित किया है। उन्होंने अपनी सच्चाई साबित करने के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ तक देने की बात कही थी। इस बीच बुधवार को सामने आए कथित सुसाइड नोट में भी इसी घटना का उल्लेख है। नोट में लिखा गया है कि उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य सहित कई महान संतों को पत्र लिखकर अग्निपरीक्षा की अनुमति मांगी थी, लेकिन परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं।
लेकिन इस मामले को लेकर अब पुलिस के सामने कई सवाल हैं जैसे क्या आरोपी जमानत पर छूटने के बाद फिर से साध्वी को परेशान कर रहे थे? सुसाइड नोट की टाइमिंग क्या दर्शाती है? यह पोस्ट पहले से शेड्यूल थी या मौत के बाद उनकी टीम द्वारा साझा की गई? वहीं पुलिस ने साध्वी की मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। आज गुरुवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, साध्वी को बुखार था। आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे निढाल हो गईं।
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