Sambit Patra CJP Attack: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर निशाना साधा। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार देश में अराजकता फैलाने की कानूनी छूट नहीं देता। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम और ‘रिजीम चेंज’ के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।
Sambit Patra CJP Attack: ‘तिरंगे की आड़ में अराजकता फैलाने की छूट नहीं’-
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने देश में यह नैरेटिव फैलाने की कोशिश की कि CJP नेताओं को केवल तिरंगा फहराने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत का मामला कथित तौर पर पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ा है। पात्रा के मुताबिक, दोनों नेताओं ने हिरासत से रिहा होने के बाद शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने का आश्वासन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रिहाई के कुछ ही घंटों बाद पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना जरूरी है, लेकिन तिरंगे की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
Sambit Patra CJP Attack: CJP नेताओं के आंदोलन पर भी उठाए सवाल-
BJP सांसद ने CJP नेताओं के आंदोलन और उनकी गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों के बावजूद आंदोलन में शामिल लोगों का समूह एक जैसा दिखाई देता है। पात्रा ने आरोप लगाया कि इसके पीछे एक सुनियोजित एजेंडा हो सकता है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की कथित चेतावनी का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर विरोध प्रदर्शनों के आयोजक स्थिति पर नियंत्रण खो देते हैं, तो आंदोलन आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ में बदल सकते हैं। हालांकि, आंदोलन के पीछे किसी सुनियोजित एजेंडे के होने संबंधी आरोप संबित पात्रा के बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अलग से प्रमाण आवश्यक हैं।
कांग्रेस के 1 नवंबर के कार्यक्रम पर निशाना-
संबित पात्रा ने कांग्रेस के उस कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए, जो 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। कांग्रेस के इस कार्यक्रम को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने पार्टी पर राजनीतिक आंदोलन के जरिए देश में बदलाव लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र को बचाने की बात कर रही है, लेकिन देश की जनता उसके पुराने बयानों और राजनीतिक इतिहास को भी देख रही है। उन्होंने अपने संबोधन में पंजाब और सिख समुदाय का भी जिक्र किया।
1984 के दंगों और राजीव गांधी के बयान का जिक्र-
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उस दौर की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चर्चित बयान ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’ का भी उल्लेख किया। पात्रा ने इस बयान को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और ‘रिजीम चेंज’ की बहस से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। BJP सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में सत्ता और व्यवस्था बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ये आरोप संबित पात्रा की ओर से लगाए गए हैं।
‘भारत में रिजीम चेंज की कोशिश सफल नहीं होगी’-
संबित पात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में राजनीतिक बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही होने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और CJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को झुकने नहीं दिया जाएगा। पात्रा ने लोगों से एकजुट रहने की अपील भी की।
इस तरह BJP सांसद ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत, तिरंगे के सम्मान, विरोध प्रदर्शनों और कांग्रेस के आगामी कार्यक्रम को लेकर कई सवाल उठाए। उनके बयानों के बाद CJP और कांग्रेस को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
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