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Sansad March: संसद मार्च में आखिर कितने लोग आए? जंतर-मंतर से प्रशांत भूषण ने बताया बड़ा आंकड़ा

Sansad March: संसद मार्च में आखिर कितने लोग आए? जंतर-मंतर से प्रशांत भूषण ने बताया बड़ा आंकड़ा

Sansad March: नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, जिसके दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।

प्रशांत भूषण ने किया बड़ा दावा

वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया कि जंतर-मंतर पर 75 हजार से अधिक लोग जुट चुके हैं, जबकि हजारों अन्य प्रदर्शनकारी भी मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को सीमित करने के लिए जंतर-मंतर के आसपास के कुछ मेट्रो स्टेशनों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बंद कर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में सीसीटीवी कैमरे और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। हालांकि, इन दावों की सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Sansad March:संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग की, जिसके चलते कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आईं।

Sansad March:सरकार से बातचीत का दावा

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए संगठन से संपर्क किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा से मुलाकात कर संगठन की मांगें रखेंगे। उनके अनुसार, सरकार की ओर से सोमवार सुबह बातचीत का प्रस्ताव मिला था और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

शिक्षा व्यवस्था पर फिर छिड़ी बहस

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। प्रदर्शनकारी लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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