santosh verma suspend: मध्य प्रदेश सरकार ने विवादों में घिरे आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। विभागीय जांच में पाया गया कि वर्मा ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज़ और मनगढ़ंत न्यायिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर आईएएस पदोन्नति हासिल की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने यह बड़ा फैसला लिया।
फर्जी दस्तावेज़ों से पदोन्नति का आरोप, जांच में खुलासा
सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया कि वर्मा को राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस कैडर में पदोन्नति दिलाने के लिए “जाली और फर्जी पदोन्नति आदेश” तैयार किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने सत्यनिष्ठा प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नकली दस्तावेज़ों का सहारा लिया। कारण बताओ नोटिस का जवाब भी असंतोषजनक पाया गया। रिपोर्ट में दर्ज है कि जांच प्रक्रिया के दौरान भी वर्मा ने अभद्र और भड़काऊ टिप्पणियाँ जारी रखीं, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई और मजबूत हो गई।
santosh verma suspend: अदालतों में भी चल रहे मामले
विभागीय जांच के अलावा वर्मा के खिलाफ कई आपराधिक मामले इंदौर की अदालतों में लंबित हैं। आरोप है कि उन्होंने एक घरेलू मामले में क्लीन चिट पाने के लिए न्यायिक रिकॉर्ड में हेरफेर की और एक न्यायाधीश के साथ कथित साजिश भी रची। सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति समिति के सामने पात्रता हासिल करने के लिए भी न्यायिक दस्तावेज़ों में बदलाव किए गए थे।
santosh verma suspend: भड़काऊ बयान ने बढ़ाया विवाद
जालसाजी के आरोपों के बीच वर्मा के सार्वजनिक मंचों पर दिए गए भड़काऊ और उत्तेजक बयानों का वीडियो भी वायरल हुआ था। सामुदायिक संगठनों और न्यायपालिका ने इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सरकार ने इन्हें “गंभीर दुर्व्यवहार और सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन” माना।
ब्राह्मण सभा और क्षत्रिय संगठनों की बैठकों से बढ़ा दबाव
वर्मा के समर्थन और विरोध में पिछले कई दिनों से ब्राह्मण सभा और विभिन्न क्षत्रिय संगठनों की लगातार बैठकें हो रही थीं। इन बैठकों ने मामले को सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्थिति के बिगड़ने से पहले सरकार पर ठोस कार्रवाई करने का दबाव साफ दिखाई देने लगा था। इसी माहौल में शासन और प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए आदेश जारी किए।
पद से हटाए गए, सभी जिम्मेदारियों से पृथक
कृषि विभाग ने वर्मा को उप सचिव के पद से हटा दिया है। वर्तमान में उन्हें GAD पूल में बिना किसी विभागीय जिम्मेदारी के जोड़ा गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से प्रशासनिक कार्यों से बाहर हो गए हैं।
बर्खास्तगी पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार के पास
अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत राज्य सरकार ने उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र भी जारी किया है। अब मामला केंद्र सरकार के पास है, जो यह तय करेगी कि संतोष वर्मा को आईएएस सेवा से स्थायी रूप से हटाया जाए या नहीं।
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