Sensex Nifty Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 143.21 अंक यानी 0.19% गिरकर 73,709.69 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 में 77.60 अंक यानी 0.34% की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,811.35 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की करीब 6.69 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। कारोबार के दौरान बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी। Sensex दिन के उच्चतम स्तर 74,682.19 से करीब 973 अंक नीचे आ गया। वहीं, Nifty भी 23,120.90 के इंट्राडे हाई से फिसलकर 22,811.35 पर बंद हुआ। बाजार में बिकवाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि NSE पर 2,988 शेयर गिरावट में रहे, जबकि सिर्फ 608 शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
Sensex Nifty Today: छोटे और मझोले शेयरों में बड़ी गिरावट-
बाजार की गिरावट का सबसे ज्यादा असर छोटे और मझोले शेयरों पर देखने को मिला। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 2.37% गिर गया, जबकि Nifty Midcap 100 में 1.58% की कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा Nifty 500 भी 0.92% गिरकर बंद हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
Sensex Nifty Today: Auto, Metal और Chemical शेयरों पर दबाव-
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Auto, Metal, Consumer Durables और Chemical सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। Nifty Auto 1.54%, Nifty Metal 1.71%, Nifty Consumer Durables 1.86% और Nifty Chemicals 2.64% गिरकर बंद हुए। बैंकिंग शेयरों में भी दबाव बना रहा। Nifty Bank 0.92% गिरकर 54,976.90 पर बंद हुआ, जबकि Nifty Financial Services में 1.18% की गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों में कमजोरी ने बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।
IT शेयरों की तेजी ने बाजार को दिया सहारा-
बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच IT शेयरों में तेजी देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स 2.88% की बढ़त के साथ बंद हुआ। Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services जैसे शेयरों में तेजी से IT सेक्टर को मजबूती मिली। इसके अलावा Nifty Cement में भी 0.47% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, IT शेयरों की तेजी व्यापक बाजार में जारी गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता-
बाजार पर दबाव की एक प्रमुख वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रहीं। उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, Brent क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में संघर्ष से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है। इससे महंगाई पर दबाव पड़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर भी पड़ता है।
India VIX में उछाल से बढ़ी बाजार की अनिश्चितता-
बाजार में अनिश्चितता के बीच India VIX में भी तेजी दर्ज की गई। यह 6.05% बढ़कर 15.67 पर पहुंच गया। India VIX में बढ़ोतरी आमतौर पर निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव को लेकर निवेशकों की बढ़ती आशंकाओं का संकेत देती है। तकनीकी स्तर पर Nifty के लिए 23,100 से 23,200 का दायरा अहम माना जा रहा है। इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलना बाजार में तेजी की वापसी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं, नीचे की ओर 22,800 के आसपास तत्काल सपोर्ट है, जबकि 22,500 से 22,600 का दायरा भी अहम माना जा रहा है। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। इन कारकों से आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।








