Shaktikanta Das: वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव Shaktikanta Das ने कहा है कि भारत हर वैश्विक संकट से न केवल उबरता है, बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत बनकर सामने आता है। उन्होंने यह बात AIMA National Leadership Conclave के दौरान कही, जहां उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की।
वैश्विक संकटों में भारत की मजबूती
शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत ने हर कठिन दौर में लचीलापन दिखाया है। चाहे आर्थिक मंदी हो या वैश्विक महामारी, देश ने चुनौतियों को अवसर में बदलने का काम किया है। उनका कहना था कि भारत सिर्फ संकट झेलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर बार अपनी क्षमता को और मजबूत किया है।
Shaktikanta Das: वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से घिरी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और असमान विकास जैसे कारक स्थिति को जटिल बना रहे हैं। दास ने कहा कि फिलहाल वैश्विक स्तर पर जोखिम नीचे की ओर झुके हुए हैं, जो चिंता का विषय है।
भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि
भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने 7.6% की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। वहीं पिछले पांच वर्षों में औसत वृद्धि दर 7.8% रही है। उन्होंने कहा कि मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता, मजबूत घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने इस प्रगति में अहम भूमिका निभाई है।
Shaktikanta Das: महंगाई नियंत्रण और नीति संतुलन
दास ने महंगाई को नियंत्रित रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ता है, इसलिए कम महंगाई जरूरी है। साथ ही, उन्होंने बताया कि संकट के समय भारत ने संतुलित नीतियां अपनाईं, जहां जरूरत के अनुसार राजकोषीय और मौद्रिक कदम उठाए गए और समय पर वापस भी लिए गए।
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