Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,395 अंकों से ज्यादा उछलकर 74,177 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 385 अंक चढ़कर 23,000 के पार निकल गया। आईटी शेयरों में खरीदारी, निचले स्तरों पर निवेशकों की दिलचस्पी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी को बाजार में उछाल की प्रमुख वजह माना जा रहा है। आइए जानते हैं शेयर बाजार में तेजी के चार बड़े कारण और किन सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली।
Share Market Today: शेयर बाजार में तेजी के 4 बड़े कारण-
1. आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी-
शेयर बाजार में तेजी के पीछे आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। गुरुवार को आईटी इंडेक्स में 2.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आईटी शेयरों में कुल 8.3 फीसदी का उछाल आ चुका है। HCLTech के तिमाही नतीजों के बाद आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। Infosys, TCS और HCLTech के शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली। वहीं, टेक महिंद्रा के शेयर 3.5 फीसदी और विप्रो के शेयर 1.7 फीसदी चढ़े। आईटी कंपनियों के शेयरों में बढ़ती खरीदारी ने बाजार को मजबूती देने में अहम योगदान दिया।
2. निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग-
पिछले कुछ हफ्तों से शेयर बाजार में दबाव बना हुआ था और प्रमुख इंडेक्स छह महीने के निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे थे। ऐसे में कई शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध दिखाई दिए, जिससे निवेशकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। निचले स्तरों पर खरीदारी को वैल्यू बाइंग कहा जाता है। इसके तहत निवेशक उन शेयरों में पैसा लगाते हैं, जिनकी कीमत उनके अनुमानित मूल्य के मुकाबले कम दिखाई देती है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया। हालांकि, बाजार में आगे भी तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा।
3. रिलायंस और निजी बैंकों के शेयरों में तेजी-
बाजार में तेजी की एक अन्य वजह हैवीवेट शेयरों में खरीदारी रही। निजी बैंकिंग सेक्टर में 1.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। HDFC Bank के शेयर 1.2 फीसदी और ICICI Bank के शेयर 2 फीसदी चढ़े। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली। यह तेजी रिलायंस जियो के प्रस्तावित मेगा आईपीओ से जुड़ी खबरों के बीच आई। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से संबंधित दस्तावेज जमा होने की खबर ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। बाजार के प्रमुख शेयरों में खरीदारी होने से सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर जाने में मदद मिली।
4. वैश्विक बाजारों में हलचल और तकनीकी सपोर्ट
अमेरिका और एशियाई बाजारों में एआई से जुड़े शेयरों में बिकवाली की खबरों के बीच भारतीय बाजार में तेजी देखने को मिली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जापान का निक्केई करीब 4 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 7 फीसदी गिरा। वैश्विक बाजारों में इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों का रुख बदलने पर भारतीय बाजार को फायदा मिल सकता है। हालांकि, विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी या बिकवाली की दिशा की पुष्टि के लिए वास्तविक निवेश आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है। इसके अलावा, बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स के नियमों की आगामी बजट में समीक्षा किए जाने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, इसे अभी केवल एक संभावना के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि सरकार के किसी आधिकारिक फैसले के तौर पर।
Share Market Today: आज कहां देखने को मिली बिकवाली-
शेयर बाजार में चौतरफा तेजी के बावजूद सरकारी बैंकिंग सेक्टर में दबाव देखने को मिला। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और केनरा बैंक के शेयरों में बिकवाली का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा। इसके चलते पीएसयू बैंक इंडेक्स बाजार के कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख इंडेक्स में शामिल रहा। इससे साफ है कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी सेक्टर्स में एक जैसी खरीदारी नहीं हुई।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी सलाह-
शेयर बाजार में तेजी के बीच निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,750 से 22,850 का स्तर अहम सपोर्ट जोन हो सकता है, जबकि 22,600 का स्तर भी तकनीकी नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी भी सपोर्ट लेवल पर बाजार के टिके रहने की गारंटी नहीं होती। निवेशकों को बाजार की दिशा, कंपनी के फंडामेंटल और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए। तेजी के दौरान बिना पर्याप्त रिसर्च के किसी शेयर में निवेश करने से बचना चाहिए। खासकर शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव और संभावित नुकसान को ध्यान में रखना जरूरी है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल-
15 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। आईटी, निजी बैंकिंग और रिलायंस जैसे प्रमुख शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। वहीं, सरकारी बैंकिंग सेक्टर में गिरावट से यह भी संकेत मिला कि चुनिंदा शेयरों में दबाव अब भी बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और घरेलू आर्थिक संकेतकों का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की तेजी को देखकर जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश करें।
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