Singrauli News : सिंगरौली जिले के माडा थाना क्षेत्र में स्थित Adani Power Plant Badhoura में शनिवार सुबह उस समय हालात बिगड़ गए, जब एक मजदूर की मौत के बाद श्रमिकों में गुस्सा भड़क गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में मजदूर प्लांट परिसर में जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
मिली जानकारी के अनुसार, प्लांट में काम करने वाले मजदूर लल्लन सिंह की शुक्रवार देर रात तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। बताया गया कि कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई।
Singrauli में लेबर की मौत
लल्लन सिंह मूल रूप से Garhwa जिले के निवासी थे और लंबे समय से इस पावर प्लांट में काम कर रहे थे। शनिवार सुबह जैसे ही उनकी मौत की खबर अन्य मजदूरों तक पहुंची, प्लांट के भीतर माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद मजदूरों के बीच कई तरह की बातें फैलने लगीं। कुछ लोगों का आरोप था कि मजदूर की मौत किसी हादसे के कारण हुई है और इसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, यह भी चर्चा रही कि लल्लन सिंह ऊंचाई से गिर गए थे। इन अफवाहों के चलते मजदूरों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
तोड़फोड़ और आगजनी
गुस्साए मजदूरों ने प्लांट के अंदर कई जगहों पर तोड़फोड़ की। इस दौरान एक दर्जन से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ गाड़ियों को पलट भी दिया गया। ठेकेदार के दफ्तर में आग लगा दी गई, जिससे वहां से काला धुआं उठता नजर आया। पुलिस चौकी प्रभारी की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं।
प्रबंधन ने हार्ट अटैक बताया कारण
कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन का कहना है कि मजदूर की मौत किसी हादसे में नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है। अधिकारियों के अनुसार रात में अचानक तबीयत खराब होने के बाद उनकी जान चली गई। हालांकि मजदूरों ने मौत की वजह को लेकर जांच की मांग उठाई है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मी और कई वरिष्ठ अधिकारी प्लांट परिसर में मौजूद हैं। प्रशासनिक टीम मजदूरों से बातचीत कर हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है।
मजदूरों ने मृतक की मौत की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की थी। प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्लांट के अंदर अब भी सैकड़ों मजदूर मौजूद हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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