छत्तीसगढ़ का हिंदी MBBS मॉडल फेल, आखिर क्यों कोई भी छात्र आगे नहीं आया?

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छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा को हिंदी मीडियम में शुरू करने का सरकारी सपना इस साल बुरी तरह फेल हो गया है।राज्य के 14 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में करीब 2000 MBBS सीटें हैं। पिछले सत्र में सिर्फ दो छात्रों ने हिंदी मीडियम चुना था, लेकिन इस साल संख्या सीधे ‘जीरो’ हो गई। सबसे बड़ी वजह मेडिकल टर्मिनोलॉजी का अंग्रेजी में होना और आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का डर माना जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) डॉ. यूएस पैकरा ने कहा कि सरकार ने हिंदी में किताबें उपलब्ध करा दी हैं।