UP News: गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगड़ने के बाद परिवार ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस का दावा है कि युवक कस्टडी से भागते समय सड़क हादसे का शिकार हुआ। वहीं जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो कार्रवाई करते हुए 2 दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
पहले जानिए मामला..
बताया जा रहा है कि पतला गांव निवासी अमित कुमार (32), जो नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कर्मचारी है, को 7 अप्रैल की रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, अमित अपने साथियों के साथ शराब पी रहा था, इसी दौरान मौके पर पहुंची पुलिस से कहासुनी के बाद उसे थाने लाया गया। परिजनों का आरोप है कि अमित को थाने में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। पिता सुभाष चौधरी और भाई सुमित (जो आर्मी में तैनात हैं) का कहना है कि पुलिस की पिटाई से ही अमित की हालत गंभीर हुई और बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि घटना से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए हैं।

UP News: पुलिस का पक्ष
वहीं इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि अमित को मेडिकल जांच के लिए मुरादनगर सीएचसी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वह पुलिस वाहन से उतरकर भागने लगा और दिल्ली-मेरठ मार्ग पर एक ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पहले उसे स्थानीय अस्पताल और फिर हालत नाजुक होने पर यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर है।
एसीपी ने मामले में क्या बताया?
इस घटना के बाद गुरुवार शाम ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग निवाड़ी थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने किसी तरह लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने विवाद को और बढ़ा दिया है। एक वीडियो में युवक को अस्पताल के पास पुलिस गाड़ी से निकलकर भागते हुए देखा जा सकता है, जबकि दूसरे में वह गलियों में दौड़ता नजर आ रहा है और पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निवाड़ी थाने के दरोगा लोकेंद्र कुमार, दरोगा शाहिद खान, हेड कांस्टेबल सचिन मोहन और सिपाही नरेंद्र को निलंबित कर दिया है। साथ ही चारों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामले में एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि थर्ड डिग्री के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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