Up News: देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली में छह एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि ये आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स आने वाले समय में न्याय व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
यूपी बनेगा देश के लिए बेंचमार्क
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की गई है, जिनमें से छह का कार्य अब शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि इनका निर्माण पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि ये परिसर न्यायिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देश के लिए बेंचमार्क बनेंगे और वे अन्य राज्यों में भी यूपी मॉडल को अपनाने की अपील करेंगे।
Up News: आने वाले 50 वर्षों की जरूरतें होंगी पूरी
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि चंदौली क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है, और अब यहां “न्यायिक मंदिरों” की स्थापना से एक नई परंपरा जुड़ रही है। इंटीग्रेटेड ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं, जो अगले 50 वर्षों तक न्यायिक आवश्यकताओं को मजबूती से पूरा करेंगे।
महिला अधिवक्ताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि जिला न्यायालयों में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार रूम बनाए जाएं। साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इन परिसरों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किए जाएं, जिससे बुजुर्गों और वादकारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के कई वरिष्ठ न्यायाधीश भी मौजूद रहे।
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