UP News: यूपी के रामपुर जिले के तहसील स्वार के ग्राम सीतारामपुर (मजरा फतेहगंज) का रहने वाला शावेद अब हमारे बीच नहीं रहा। वह अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य और घर की आर्थिक हालत सुधारने का सपना लेकर लगभग आठ महीने पहले रूस गया था। परंतु यह सपना उसके और उसके परिवार के लिए भयंकर दुःस्वप्न में बदल गया।
गोली लगने से मौत
परिवार ने बताया कि शावेद को एक स्थानीय एजेंट के माध्यम से रूस भेजा गया। उसे भरोसा दिलाया गया कि वह वहां एक बड़े और नामी होटल में वेटर का काम करेगा। लेकिन जैसे ही वह वहां पहुंचा, उसे धोखे में फंसाया गया। वह होटल में काम करने की बजाय गुमराह होकर रूसी सेना में भर्ती करवा दिया गया। परिवार अब सोच भी नहीं सकता कि उनके बेटे को कैसे मौत के मोर्चे पर भेज दिया गया। शावेद ने अपने परिजनों से बताया था कि उसे जबरदस्ती सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है और युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर भेजा जाएगा। इसी दौरान गोली लगने से उसकी जान चली गई।
UP News: गांव में शोक की लहर दौड़ी
शावेद अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। परिवार खेती और पशुपालन के सहारे जीवनयापन करता है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर में चीखें और आंसुओं की आवाजें गूंज रही हैं। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार का कहना है कि हमें भरोसा दिलाया गया था कि वह होटल में सुरक्षित है, पर हमें क्या पता था कि हमारे बेटे को मौत के गहरे अंधेरे में धकेल दिया जाएगा। हम बस उसके चेहरे को आखिरी बार देखना चाहते हैं, उसे अपनी बाहों में भरना चाहते हैं।
शव की आधिकारिक पहचान और उसे वापस लाने के लिए परिवार और कुछ ग्रामीण दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए हैं। आज शावेद का शव दिल्ली पहुंचेगा। इस संवेदनशील मामले पर प्रशासन भी सतर्क है। सीओ स्वार, अतुल कुमार पांडेय ने कहा कि अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
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