UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शफीक अहमद अंसारी के बेटे उमैर अंसारी (22) ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर खुद ही निरीक्षण शुरू कर दिया। इस दौरान उसने न केवल अस्पताल का दौरा किया, बल्कि अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर डॉक्टरों और स्टाफ से जवाब-तलब भी किया। यह पूरी घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे स्वार स्थित सीएचसी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार को सामने आया। जिसके बाद अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

प्रोटोकॉल पर सवाल?
जानकारी के मुताबिक, उमैर अंसारी 4 पुलिसकर्मियों एक दरोगा और तीन सिपाहियों के साथ सीएचसी पहुंचा। उसके साथ दो समर्थक भी मौजूद थे। बिना किसी आधिकारिक अधिकार या प्रोटोकॉल के वह सीधे इमरजेंसी वार्ड में गया और मरीजों का हाल-चाल जानने लगा। इसके बाद उसने स्टाफ की उपस्थिति रजिस्टर जांची, दवा वितरण व्यवस्था देखी, लैब और मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। करीब एक घंटे तक वह अस्पताल में सक्रिय रहा, जबकि डॉक्टर और स्टाफ उसके सामने असहज और बेबस नजर आए।
UP News: अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान उमैर अंसारी सीएचसी अधीक्षक के कार्यालय में पहुंचा। वहां मौजूद प्रभारी डॉक्टर डॉ. राजीव चंदेल अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए और उमैर उनकी कुर्सी पर बैठ गया। वीडियो में वह दस्तावेजों की जांच करते हुए डॉक्टरों से सवाल-जवाब करता दिखाई दे रहा है। उसने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और जांच के लिए बाहर न भेजा जाए, अन्यथा कार्रवाई होगी। मामले के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. दीपा सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी विधायक के परिजन को सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना स्पष्ट रूप से प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मामले की जांच के लिए एसीएमओ संतोष कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है, जिसे 7 दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दायरे में पुलिस भूमिका
इस घटना में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सोमेंद्र मीणा ने कहा कि यह जांच की जाएगी कि किस आदेश या प्रोटोकॉल के तहत पुलिसकर्मी उमैर के साथ मौजूद थे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक शफीक अहमद अंसारी ने कहा कि वह उस समय क्षेत्र से बाहर थे और उन्हें सीएचसी में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिली थी। इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे को स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा था। उन्होंने इसे गलत मानने से इनकार किया।
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