UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक अप्रैल–मई में पंचायत चुनाव कराना अब मुश्किल नजर आ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएं। दरअसल, भारत सरकार ने जनगणना-2027 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जबकि फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी। इस दौरान प्रदेश का बड़ा प्रशासनिक अमला जनगणना कार्य में व्यस्त रहेगा।
जनगणना बनी चुनाव टालने की बड़ी वजह
हाउस लिस्टिंग के दौरान यूपी के सभी 75 जिलों में लगभग 50 से 60 हजार शिक्षक, शिक्षामित्र, लेखपाल सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। जिलाधिकारी, सीडीओ, एसडीएम, तहसीलदार, नगर आयुक्त और विकासखंड अधिकारी भी जनगणना कार्य से जुड़े रहेंगे। ऐसे में पंचायत चुनाव के लिए पर्याप्त कर्मचारी और अधिकारी उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होगा।
UP Panchayat Election: राजनीतिक दल भी जल्द चुनाव के पक्ष में नहीं
सूत्रों के अनुसार भाजपा और अन्य राजनीतिक दल भी फिलहाल पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होने पर गांव स्तर पर राजनीतिक टकराव बढ़ने, कार्यकर्ताओं में असंतोष और टिकट न मिलने पर बगावत का खतरा बताया जा रहा है। 2021 के पंचायत चुनाव का अनुभव भी पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा था।

पंचायतीराज विभाग की सुस्ती
राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण निर्धारण के लिए पंचायतीराज विभाग को पत्र भेजा है, लेकिन अब तक आरक्षण तय करने वाली कमेटी का गठन नहीं हो सका है। जबकि इस प्रक्रिया में करीब दो महीने का समय लगता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव को लेकर फिलहाल कोई ठोस तैयारी नहीं दिख रही।
UP Panchayat Election: ग्रामीण स्तर तक पहुंचा संदेश
पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार और संगठन की ओर से संकेत मिले हैं कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होंगे। इसके चलते जिलों में चुनावी तैयारियां लगभग ठप हैं और भाजपा कार्यकर्ता मतदाता सूची पुनरीक्षण और अन्य सरकारी अभियानों में जुटे हैं।
कार्यकाल समाप्त होने पर प्रशासक नियुक्ति संभव
यदि समय पर चुनाव नहीं होते हैं तो मई में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा, जबकि जुलाई में ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होगा। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा प्रशासक (रिसीवर) नियुक्त किए जा सकते हैं।
UP Panchayat Election: भाजपा का पक्ष
प्रदेश महामंत्री और पंचायत चुनाव प्रभारी राम प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार से कोई स्पष्ट संदेश नहीं मिला है। भाजपा की तैयारी पूरी है और आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रस्तावित है। नियमानुसार जो भी निर्णय होगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
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