UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक सिपाही ने अपनी कड़ी मेहनत, संघर्ष और अटूट हौसले के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो हर युवा के लिए प्रेरणा बन गया है। दरअसल, कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात आरक्षी आशीष शुक्ला ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।
आशीष की सफलता के पीछे मां का त्याग
अमेठी के शुक्ल बाजार क्षेत्र के रहने वाले आशीष का सफर बिल्कुल साधारण परिवेश से शुरू हुआ। ग्रामीण माहौल में पले-बढ़े आशीष ने शुरुआती पढ़ाई के बाद नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाया, जहां से उनके बड़े सपनों को उड़ान मिली। लेकिन जिंदगी ने उन्हें जल्दी ही कठिन परीक्षा में डाल दिया, पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। आशीष बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां का त्याग, संघर्ष और लगातार मिला हौसला सबसे बड़ी ताकत है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया।

UP Police: हर युवा के लिए एक संदेश
साल 2018 में आशीष का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के रूप में हुआ। कानपुर में ड्यूटी के दौरान उन्होंने दिन-रात की जिम्मेदारियों के बीच भी पढ़ाई जारी रखी। लंबी ड्यूटी, रात की गश्त और त्योहारों की व्यस्तता के बावजूद उनका लक्ष्य साफ रहा- अफसर बनना। इस दौरान उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनका उत्साह बढ़ाया और तैयारी में सहयोग दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन का नतीजा यह रहा कि 2024 के यूपीपीएससी परिणाम में उन्होंने 41वीं रैंक हासिल कर कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनने का सपना साकार कर लिया। एक सिपाही से राजपत्रित अधिकारी तक का यह सफर सिर्फ सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए संदेश है जो मुश्किल हालात में भी अपने सपनों को जिंदा रखता है- मेहनत, लगन और विश्वास हो तो मंजिल जरूर मिलती है।







