UP Police: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम बाराबंकी जिले में ऐसा दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया जिसने हर देखने वाले को भीतर तक झकझोर दिया। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के डीह गांव के पास सड़क किनारे खड़ी एक वैगनआर कार में बैठे लोग चंद मिनट के लिए आराम कर रहे थे, पानी पी रहे थे, किसे पता था कि अगले ही पल उनके जीवन की अंतिम सांसें गिनी जा चुकी होंगी। उसी दौरान आजमगढ़ की ओर से आ रही तेज रफ्तार ब्रेज़ा कार ने पीछे से ऐसी भयावह टक्कर मारी कि दोनों गाड़ियाँ कुछ ही क्षणों में आग के भयानक गोले में बदल गईं। वैगनआर के दरवाजे लॉक थे, लपटें बढ़ती रहीं और अंदर बैठे लोग बाहर निकलने की कोशिश करते हुए चीखते-चिल्लाते रह गए लेकिन कोई उनकी मदद नहीं कर सका। आग की गर्मी इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ कदम से अधिक पास नहीं जा पाए।
सिपाही जावेद अशरफ का परिवार पल भर में खाक
जांच में सामने आया कि हादसे का शिकार हुआ परिवार आजमगढ़ में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही जावेद अशरफ का था। कार में उनकी पत्नी गुलिस्ता परवीन, तीन मासूम बेटियाँ समरीन, इलमा और इस्मा और 10 वर्ष का बेटा जियान सवार थे। कार को जावेद के साले जिशान चला रहे थे। टक्कर लगते ही वैगनआर आग की लपटों में घिर गई। पुलिस और यूपीआईडी टीम ने दो लोगों को किसी तरह बाहर निकाला, पर बाकी तीन अंदर ही फंसकर जलते रहे। कुछ ही मिनटों में पूरा परिवार राख में बदल गया—एक दर्द जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
UP Police: दूसरी कार के पाँच यात्री भी गंभीर रूप से घायल
दूसरी कार में सवार दिल्ली के दक्षिणपुरी निवासी दीपांशु मिश्रा, दीप्ति मिश्रा, प्रगति मिश्रा और तृप्ति मिश्रा समेत पाँच लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए यातायात रोकना पड़ा।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी लव गुप्ता और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पाँच मौतों की पुष्टि करते हुए इसे अत्यधिक तेज रफ्तार और लापरवाही का भयावह नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी चूक जिसने एक पूरे परिवार की जिंदगी, सपने और भविष्य को चंद पलों में खत्म कर दिया।
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