UP SIR Final Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने नए आंकड़े साझा किए और कई अहम सवालों के जवाब दिए। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस सवाल की रही, जिसमें पाकिस्तान से आई सीमा हैदर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।
सीमा हैदर के वोट को लेकर क्या बोले अधिकारी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब यह पूछा गया कि क्या सीमा हैदर जैसी विदेश से आई महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के बाहर से आए किसी व्यक्ति का सीधे मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है। केवल वही लोग मतदाता बन सकते हैं जो भारतीय नागरिक हैं, संबंधित विधानसभा क्षेत्र में निवास करते हैं और निर्धारित पात्रता को पूरा करते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है, तो उसका नाम सूची में शामिल नहीं किया जाता।
UP SIR Final Voter List 2026: राज्य में मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा
अंतिम सूची के आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता थे, जो अब बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गए हैं। इस तरह करीब 84 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राज्य में मतदाता पंजीकरण के विस्तार को दर्शाती हैनई सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 61 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 9 लाख 9 हजार 525 दर्ज की गई है। इसके अलावा 4206 तृतीय लिंग के मतदाता भी सूची में शामिल किए गए हैं, जो समावेशी चुनाव प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
UP SIR Final Voter List 2026: इन जिलों और सीटों पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
6 जनवरी के बाद जिन जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है, उनमें प्रयागराज, मऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर प्रमुख हैं। वहीं विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम पहले की सूची में था लेकिन अब नहीं है, तो संभव है कि उसके खिलाफ फॉर्म-7 के तहत आपत्ति दर्ज की गई हो, जिस पर सुनवाई के बाद बीएलओ द्वारा निर्णय लिया गया हो। वहीं जिन लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, सुधार के लिए फॉर्म-8 भी भरा जा सकता है। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है और मतदाता अपनी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच सकते हैं।इस तरह, यूपी की नई मतदाता सूची ने जहां एक ओर रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है, वहीं दूसरी ओर नागरिकता और पात्रता के नियमों को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधता सर्वोपरि है।
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