US Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी को ईरान ने सख्ती से खारिज कर दिया है और इसे घबराहट में दी गई धमकी बताया है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष और गहरा सकता है। नीचे पूरे घटनाक्रम को आसान और स्पष्ट भाषा में समझिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के अल्टीमेटम को ईरान ने ठुकराया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर उन्हें तबाह किया जा सकता है।

लेकिन ईरान ने इस चेतावनी को साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिका बेबसी और डर की वजह से ऐसी धमकियां दे रहा है।ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने ट्रम्प के बयान को “मूर्खतापूर्ण कदम” बताया और कहा कि ईरान ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है।
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह की धमकियां जारी रहीं तो इसका मतलब होगा कि “नरक के दरवाजे तुम्हारे लिए भी खुल जाएंगे।”बताया जा रहा है कि ट्रम्प अब तक तीन बार ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम दे चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
US Iran Tension: हालिया हमले में 5 लोगों की मौत, 170 से ज्यादा घायल
ईरान के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में हुए हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 170 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारी लगातार राहत और उपचार की व्यवस्था कर रहे हैं।

अमेरिका और इजराइल के लिए ‘बड़ा सरप्राइज’ तैयार: ईरान
ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि दोनों देशों के लिए एक “बड़ा सरप्राइज” तैयार है।फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अधिकारी ने कहा कि ईरान युद्ध में अपनी तय रणनीति और लक्ष्यों के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा बताए गए सैन्य निशाने गलत हैं और पुलों पर हमला करने की ट्रम्प की धमकी को उन्होंने मजाकिया बताया। उनके मुताबिक ऐसी धमकियां अमेरिका की सैन्य विफलता को दर्शाती हैं।अधिकारी ने दावा किया कि ईरान ने असिमेट्रिक युद्ध यानी अलग तरीके की लड़ाई में दुश्मन को कमजोर करना अच्छी तरह सीख लिया है।
US Iran Tension: 100 से ज्यादा लोगों की संपत्ति जब्त, बैंक खाते फ्रीज
ईरान ने दुश्मन का समर्थन करने के आरोप में 100 से अधिक लोगों की संपत्ति जब्त करने और उनके बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया है।यह कार्रवाई तेहरान के अभियोजक कार्यालय ने की है। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है उनमें कई अभिनेता, खिलाड़ी और पत्रकार भी शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लोगों का संबंध ईरान इंटरनेशनल और मनोटो जैसे न्यूज चैनलों से है, जिन पर ईरान सरकार इजराइल से जुड़े होने का आरोप लगाती है। हालांकि इन लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।बताया गया है कि इस कार्रवाई में ईरान इंटरनेशनल के 63 मैनेजर और कर्मचारी तथा मनोटो चैनल के 25 मैनेजर और कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा विदेश में रहने वाले 25 ईरानी नागरिकों को भी निशाना बनाया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग तरीकों से, खासकर इंटरनेट के माध्यम से, दुश्मन के हमलों का समर्थन किया।

US Iran Tension: चार प्रमुख एयरपोर्ट पर असर
इटली के चार बड़े एयरपोर्ट पर इन दिनों ईंधन की कमी के कारण विमानों में फ्यूल भरने को लेकर कुछ सीमाएं लागू कर दी गई हैं। इस फैसले के बाद हवाई सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन एयरपोर्ट पर यह समस्या सामने आई है उनमें मिलान का लिनाटे एयरपोर्ट, वेनिस का मार्को पोलो एयरपोर्ट, बोलोनिया एयरपोर्ट और ट्रेविसो एयरपोर्ट शामिल हैं। इन सभी जगहों पर फिलहाल विमान में फ्यूल भरने पर कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं।
एयरलाइंस को जारी किया गया नोटिस
ईंधन सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनी एयर बीपी इटालिया ने इस बारे में एयरलाइंस को जानकारी देने के लिए एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। हालांकि कंपनी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि ईंधन की कमी की असली वजह क्या है।
जानकारी के अनुसार, आपातकालीन और जरूरी सेवाओं को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। खासतौर पर एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं के लिए ईंधन की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी और इन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जापान से जुड़ा दूसरा जहाज सुरक्षित निकला
जापान की शिपिंग कंपनी मित्सुई ओएसके लाइंस के अनुसार भारत के झंडे वाला एलपीजी टैंकर “ग्रीन सैनवी” सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है।कंपनी ने बताया कि यह जहाज शनिवार को उस इलाके से गुजरा जहां युद्ध शुरू होने के बाद कई जहाज फंसे हुए थे।
यह टैंकर उन 45 जहाजों में शामिल था जो जापान से जुड़े हैं और युद्ध की वजह से खाड़ी क्षेत्र में अटके हुए थे। इससे पहले भी जापान से जुड़ा एक जहाज इस मार्ग को पार कर चुका है।

US Iran Tension: पूर्व IAEA प्रमुख ने ट्रम्प की आलोचना की
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के पूर्व प्रमुख मोहम्मद अलबरदेई ने ट्रम्प के अल्टीमेटम के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अरबी में लिखे एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पूरी ताकत से प्रयास किए जाएं, इससे पहले कि “यह पागल व्यक्ति पूरे क्षेत्र को आग के गोले में बदल दे।”
ईंधन संकट के बीच मिस्र में बिजली महंगी
ईंधन संकट से जूझ रहे मिस्र में सरकार ने बिजली की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें अप्रैल से लागू होंगी।मिस्र के बिजली मंत्रालय ने बताया कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले घरों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर लागू होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कम बिजली खपत करने वाले घरों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जिन घरों की मासिक खपत 2,000 किलोवाट-घंटे तक है, उनकी दरें पहले जैसी ही रहेंगी।लेकिन इससे ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी।

US Iran Tension: लेबनान में इजराइली हवाई हमला
लेबनान के दक्षिणी सैदा क्षेत्र के कफर हत्ता शहर पर इजराइली सेना ने हवाई हमला किया है।रिपोर्ट के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ही इजराइली सेना ने वहां रहने वाले लोगों को चेतावनी दी थी कि वे अपने घर खाली कर दें।
ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की तैयारी में इजराइल
रिपोर्टों के मुताबिक इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।जॉर्डन की राजधानी अम्मान से मिली जानकारी के अनुसार इजराइली सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मीडिया को इस अभियान के अगले चरण के बारे में बता रहे हैं।बताया जा रहा है कि अब हमलों का फोकस ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर होगा, जिसमें बिजलीघर, ऊर्जा संयंत्र और वितरण नेटवर्क शामिल हैं।
संभावना जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में यह हमला शुरू हो सकता है। शनिवार शाम को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी कर इस एयर अभियान के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अब हमलों का दायरा बढ़ाकर ईरान के सामान्य ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसमें स्टील उद्योग जैसे “ड्यूल-यूज” सेक्टर शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल सामान्य कार्यों के साथ-साथ सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है।
इजराइल का दावा है कि उसने अब तक ईरान के लगभग 70 प्रतिशत स्टील उद्योग को नष्ट कर दिया है। उसके अनुसार इन उद्योगों में तैयार होने वाला स्टील हथियार बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था।
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