US -IRAN WAR: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए जाने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इस घटना ने न केवल सैन्य स्थिति को जटिल बना दिया है, बल्कि अमेरिका की वैश्विक साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापता पायलट की तलाश तेज
अमेरिकी सेना ने लापता पायलट की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, F-15 Eagle लड़ाकू विमान को ईरान के ऊपर मार गिराया गया था। इस घटना में दो विमानों को निशाना बनाया गया, जिनमें से एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है।
US -IRAN WAR: बचाव अभियान में भी खतरा
अमेरिका के लिए यह मिशन बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। सर्च ऑपरेशन में लगे हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान की तरफ से हमले किए गए हैं, जिसमें कुछ अमेरिकी कर्मी घायल हुए हैं। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया में लापता पायलट को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।
A-10 जेट पर भी हुआ हमला
इस बीच A-10 Thunderbolt II जेट पर भी हमला किया गया, हालांकि उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा और बाद में उसे बचा लिया गया। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि संघर्ष क्षेत्र में जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
US -IRAN WAR: बयानबाजी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने 48 घंटे के भीतर हालात और बिगड़ने की आशंका जताई।इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अगर हमले जारी रहे तो “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का केंद्र
होर्मुज स्ट्रेट इस पूरे विवाद का केंद्र बना हुआ है। यह दुनिया में तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में इस रास्ते पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह पहली बार है जब इस संघर्ष के दौरान किसी अमेरिकी विमान को ईरान की सीमा के अंदर मार गिराया गया है। इससे पेटागान की चिंता बढ़ गई है और अमेरिकी सैन्य रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
US -IRAN WAR: राजनीतिक असर भी संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लापता पायलट को ईरान पकड़ लेता है, तो यह मामला अमेरिका के लिए राजनीतिक संकट बन सकता है और दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाएं और कमजोर हो सकती हैं।
संघर्ष लगातार हो रहा व्यापक
इस बीच इजराईल ने उन इलाकों में हमले रोक दिए हैं, जहां लापता अमेरिकी कर्मी के होने की आशंका है। साथ ही वह अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है। यह संघर्ष अब छठे सप्ताह में पहुंच चुका है और लगातार फैलता जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
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