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राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे, कोलकाता बनेगा राष्ट्रीय उत्सव का केंद्र

Vande Mataram
Vande Mataram

Vande Mataram: राष्ट्रगीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर पर भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य कार्यक्रम 5 और 6 जनवरी 2026 को कोलकाता में होगा, जिसमें गीत के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देशभक्ति की भावना को नमन किया जाएगा।

ऐतिहासिक स्थलों से निकलेगी दीप शिखा रैली

समारोह की शुरुआत 5 जनवरी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से जुड़े तीन ऐतिहासिक स्थलों से होगी। नैहाटी स्थित बंकिम भवन गबेशना केंद्र, प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी और चिनसुराह के बंकिम भवन से तीन मोटरसाइकिल रैलियां निकाली जाएंगी। प्रत्येक रैली में 150 सवार शामिल होंगे और ये दीप शिखा लेकर चलेंगी। तीनों रैलियां कोलकाता के जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचकर अखंड ज्योति प्रज्वलन के साथ संपन्न होंगी।

Vande Mataram: जोरासांको ठाकुरबाड़ी में सांस्कृतिक संध्या

5 जनवरी की शाम जोरासांको ठाकुरबाड़ी में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वंदे मातरम और स्वदेश भक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। यह आयोजन बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रवादी चेतना को समर्पित होगा।

पी.टी. उषा के नेतृत्व में विशेष रैली

6 जनवरी को अखंड ज्योति को एक विशेष रैली के माध्यम से जोरासांको ठाकुरबाड़ी से विक्टोरिया मेमोरियल हॉल तक ले जाया जाएगा। इस रैली का नेतृत्व प्रसिद्ध एथलीट पी.टी. उषा करेंगी। शाम को विक्टोरिया मेमोरियल में सोनू निगम, कैलाश खेर, उषा उथुप, श्रेया घोषाल, अरिजीत सिंह, शंकर महादेवन सहित कई दिग्गज कलाकार देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगे।

Vande Mataram: पूरे वर्ष चलेगा राष्ट्रीय उत्सव

यह समारोह केवल दो दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे एक वर्ष तक देशभर में मनाया जाएगा। विक्टोरिया मेमोरियल में स्थायी आर्ट्स विलेज, युवा कलाकारों को मंच, वार्षिक वंदे मातरम राष्ट्रीय पुरस्कार, बंकिम चंद्र द्विवार्षिक आयोजन और उनके जीवन पर आधारित फिल्म निर्माण भी इस पहल का हिस्सा होगा। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।