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5 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और सूर्य पूजा का सबसे उत्तम समय

5 जुलाई 2026 का पंचांग

5 July Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए काम की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की पारंपरिक प्रणाली है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है।

तिथि और पूजा का महत्व

5 जुलाई 2026, रविवार के दिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 1:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा करना सबसे शुभ माना गया है। साथ ही, इस दिन नाग पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

5 July Panchang: अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त

इस दिन अमृत काल सुबह 7:32 बजे से शुरू होकर सुबह 9:14 बजे तक रहेगा। वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 बजे से 5:02 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है।5 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:50 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चंद्रोदय रात 10:52 बजे और चंद्रास्त अगली सुबह 11:07 बजे होगा।

नक्षत्र और योग

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी राहु हैं। वहीं, चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेगा।योग की बात करें तो इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। सुबह 4:10 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा और इसके बाद सौभाग्य योग शुरू हो जाएगा।

अभिजित मुहूर्त

रविवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:46 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस अवधि में राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए बिना महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार की शुरुआत की जा सकती है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल

इस दिन राहुकाल शाम 5:32 बजे से 7:12 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3:41 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। वहीं, यमगंड काल दोपहर 12:31 बजे से 2:11 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है।

राशियों में ग्रहों का गोचर

5 जुलाई 2026 को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे।रविवार के दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो, तो पहले उचित ज्योतिषीय उपाय अपनाना शुभ माना जाता है।