6 May Panchang: सनातन परंपरा में पंचांग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इसके आधार पर तिथि, नक्षत्र, योग, वार और करण को देखकर दिन की शुरुआत की जाती है और शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है। बुधवार, 6 मई को ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पड़ रही है। ऐसे में इस दिन कोई भी खास काम करने से पहले सही समय जानना जरूरी होता है।
चतुर्थी तिथि का धार्मिक महत्व
ज्योतिष के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन व्रत रखना, पूजा करना और नए काम शुरू करना अच्छा माना जाता है। हालांकि, किसी भी शुभ कार्य से पहले सही मुहूर्त देखना जरूरी है। राहुकाल और अन्य अशुभ समय में यात्रा या बड़े फैसले करने से बचना चाहिए।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
बुधवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 59 मिनट पर होगा। चंद्रमा रात 11 बजकर 23 मिनट पर उदित होगा और अगले दिन 7 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर अस्त होगा। चतुर्थी तिथि 6 मई को सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन चतुर्थी का ही प्रभाव रहेगा।
6 May Panchang: नक्षत्र और योग की स्थिति
इस दिन मूल नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। वहीं सिद्ध योग 7 मई की सुबह 1 बजकर 12 मिनट तक बना रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

शुभ मुहूर्त: कब करें जरूरी काम
यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 12 मिनट से 4 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। प्रातः सन्ध्या सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक होगी। अमृत काल सुबह 8 बजकर 42 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो बेहद शुभ माना जाता है।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट (7 मई) तक रहेगा। इन सभी समयों में महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी माना जाता है।
अशुभ समय: इन घंटों में रहें सावधान
अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 7 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य काल दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जबकि गण्ड मूल सुबह 5 बजकर 37 मिनट से दोपहर 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। इन समयों में जरूरी कार्य टालना ही बेहतर होता है।
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