Budh Grah Ast: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी और तर्क का कारक माना जाता है। जब बुध अस्त अवस्था में जाता है, तो इसका असर सीधे व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और संवाद पर पड़ता है। इस दौरान व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर महसूस कर सकता है, आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और भावनाएं व्यक्त करने में कठिनाई आती है।
सेहत पर भी पड़ता है प्रभाव
बुध ग्रह त्वचा और तंत्रिका तंत्र से जुड़ा माना जाता है। इसके अस्त होने पर शरीर में ऐंठन, एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में बुध कमजोर होता है, उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
Budh Grah Ast: इन राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
कन्या राशि:
इस समय कार्यस्थल पर दबाव और विरोध का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में रुकावटें आ सकती हैं और सेहत को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है।
वृश्चिक राशि:
अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और निवेश में नुकसान की संभावना बनी रह सकती है।
मीन राशि:
कोर्ट-कचहरी के मामलों में निराशा मिल सकती है। पारिवारिक तनाव और संपत्ति विवाद भी सामने आ सकते हैं।
Budh Grah Ast: कामकाज और परिवार पर असर
बुध के अस्त होने से कार्यक्षेत्र में मन कम लगेगा और जिम्मेदारियां बोझ जैसी महसूस होंगी। परिवार में भी तनाव या मतभेद की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी है।
इन उपायों से मिलेगा राहत का रास्ता
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भगवान गणेश की नियमित पूजा करें।रोजाना 108 बार ‘ॐ बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं और हरी वस्तुओं का दान करें।
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