8 April Panchang: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के आधार पर ही हर दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण का पता चलता है। इसी से यह भी तय किया जाता है कि कौन-सा समय शुभ है और कौन-सा अशुभ। लोग नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या पूजा-पाठ के लिए भी पंचांग देखकर ही सही समय का चुनाव करते हैं। 8 अप्रैल, बुधवार का पंचांग देखें तो यह दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि का है।
8 अप्रैल को षष्ठी तिथि का रहेगा प्रभाव
पंचांग के अनुसार 8 अप्रैल को षष्ठी तिथि शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि पंचांग में उदयातिथि को अधिक महत्व दिया जाता है। यानी सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही पूरे दिन मानी जाती है। इस हिसाब से बुधवार को पूरे दिन षष्ठी तिथि का ही प्रभाव रहेगा।

मूल नक्षत्र और वरीयान योग का संयोग
दृक पंचांग के अनुसार इस दिन मूल नक्षत्र पूरी रात तक रहेगा। वहीं वरीयान योग शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। करण वणिज शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।
इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 43 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय देर रात 12 बजकर 41 मिनट पर (9 अप्रैल) होगा, जबकि चंद्रास्त सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर होगा।
8 April Panchang: गण्ड मूल के कारण बरतें सावधानी
बुधवार को पूरे दिन गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा। इसलिए किसी भी शुभ कार्य को करते समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है। राहुकाल के समय नए या महत्वपूर्ण काम शुरू नहीं करने चाहिए।
हालांकि अमृत काल और विजय मुहूर्त जैसे शुभ समय में पूजा-पाठ, नए कार्य की शुरुआत या यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।
8 अप्रैल के प्रमुख शुभ मुहूर्त
इस दिन कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर लोग अपने जरूरी कार्य कर सकते हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 18 मिनट तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6 बजकर 42 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक
- अमृत काल: देर रात 1 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक (9 अप्रैल)
- निशिता मुहूर्त: देर रात 12 बजे से 12 बजकर 45 मिनट तक (9 अप्रैल)

इन अशुभ समय का रखें विशेष ध्यान
शुभ समय के साथ-साथ कुछ अशुभ समय भी होते हैं, जिनमें नए काम शुरू करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक
- यमगण्ड: सुबह 7 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 13 मिनट तक
- गुलिक काल: सुबह 10 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
वर्ज्य काल और भद्रा का समय
इस दिन वर्ज्य काल दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गण्ड मूल पूरे दिन रहेगा। वहीं भद्रा शाम 7 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगी।
इसलिए किसी भी बड़े या शुभ कार्य को करने से पहले इन समयों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
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