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बचपन में मां को खोया, काशीबाई ने संभाली जिम्मेदारी… जानिए शिवराज सिंह चौहान के परिवार की कहानी

Shivraj Chouhan Mother: कौन थीं शिवराज चौहान की माँ, हुआ निधन?

Shivraj Chouhan Mother: केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का 30 अक्टूबर 2026 को भोपाल के एम्स में निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार और राजनीतिक जगत में शोक का माहौल है। काशीबाई लंबे समय से अस्वस्थ थीं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार सीहोर जिले के पैतृक गांव जैत में किया गया। काशीबाई का शिवराज सिंह चौहान के परिवार में विशेष स्थान था। इसकी वजह उनके परिवार के साथ जुड़ा वह इतिहास है, जब शिवराज ने बचपन में अपनी जैविक मां को खो दिया था।

बचपन में उठ गया था जैविक मां का साया

शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को सीहोर जिले के जैत गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान और जैविक मां का नाम सुंदरबाई चौहान था। शिवराज के बचपन में ही सुंदरबाई का निधन हो गया था। उस समय परिवार में छोटे बच्चों की देखभाल और उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी बड़ी चुनौती थी। इसके बाद परिवार में एक नया अध्याय शुरू हुआ।

Shivraj Chouhan Mother: पिता प्रेम सिंह चौहान ने किया दूसरा विवाह

सुंदरबाई के निधन के बाद शिवराज सिंह चौहान के पिता प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से दूसरा विवाह किया। इसके बाद काशीबाई ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने घर-परिवार और बच्चों की देखभाल की। शिवराज और उनके भाई-बहनों के पालन-पोषण में उनकी अहम भूमिका रही। परिवार से जुड़ी जानकारियों के मुताबिक, काशीबाई ने बच्चों को स्नेह और देखभाल के साथ बड़ा किया।

परिवार में कौन-कौन हैं?

शिवराज सिंह चौहान के जैविक मां सुंदरबाई से तीन बेटे और एक बेटी थे। इनमें शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और बेटी शशि शामिल हैं। वहीं, काशीबाई से उनके बेटे वरुण चौहान का जन्म हुआ। इस तरह परिवार में शिवराज के चार भाई-बहन हैं और काशीबाई के बेटे वरुण भी परिवार का हिस्सा हैं। शिवराज का परिवार लंबे समय से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के जैत गांव से जुड़ा रहा है।

Shivraj Chouhan Mother: जैत गांव से जुड़ा रहा परिवार का रिश्ता

शिवराज सिंह चौहान का जन्म जैत गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनका बचपन और शुरुआती जीवन इसी ग्रामीण परिवेश में बीता। राजनीति में आगे बढ़ने के बाद भी जैत गांव से उनका जुड़ाव बना रहा। काशीबाई भी परिवार के साथ इस पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव का हिस्सा थीं। बाद के वर्षों में वह भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास में रहती थीं।

भोपाल एम्स में हुआ निधन, जैत में अंतिम संस्कार

काशीबाई का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से ठीक नहीं था। सांस संबंधी परेशानी बढ़ने पर उन्हें भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था। करीब एक सप्ताह तक उनका इलाज चला और हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। 30 अक्टूबर की सुबह उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। भोपाल में अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को जैत ले जाया गया, जहां दोपहर तीन बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

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