Yogi vs Akhilesh: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल अभी से गर्म होने लगा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में दावे कर रहे हैं। इसी बीच खबर इंडिया ने लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि वे आगामी चुनाव में किसे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। इस दौरान कई लोगों ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपनी राय रखी। खासकर महिलाओं ने प्रदेश में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर योगी सरकार की तारीफ की। वहीं, कुछ लोगों ने अखिलेश यादव के 400 रुपये देने के वादे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
Yogi vs Akhilesh: योगी के समर्थन में रैली में पहुंचीं महिलाएं
रैली में शामिल एक महिला ने बताया कि वह इससे पहले कभी किसी राजनीतिक रैली में नहीं गई थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के समर्थन में पहली बार यहां पहुंची हैं। उनका कहना था कि योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनें और प्रदेश में विकास का काम जारी रखें।एक अन्य महिला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का इस धरती पर आना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में महिलाएं दिन और रात दोनों समय बिना डर के बाहर निकल सकती हैं। उन्हें अब चेन छिनने या अपहरण जैसी घटनाओं का डर नहीं लगता।महिला ने कहा कि योगी सरकार के आने के बाद उन्हें सुरक्षा का एहसास हुआ है। उनके मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से महिलाओं को 400 रुपये देने के वादे पर कहा कि पहले उन्हें अपनी पार्टी में महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।
अखिलेश यादव की सरकार और योगी शासन की तुलना
कई महिलाओं ने पिछली अखिलेश यादव सरकार के समय को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी। एक महिला ने बताया कि वर्ष 1999 में गाजियाबाद के गोविंदपुरम आने के बाद उन्होंने ऐसे हालात देखे, जब सड़कों पर बदमाश लोगों को थप्पड़ मारकर निकल जाते थे।उन्होंने दावा किया कि पहले लोग घरों में दो-दो ताले लगाते थे और रात में सुरक्षा के लिए बाहर चौकीदार भी बैठाना पड़ता था। वहीं, मौजूदा सरकार में महिलाएं आत्मविश्वास के साथ बाहर निकल पा रही हैं।एक महिला ने कहा कि अब उनकी बेटियां रात में कैब से घर लौटती हैं, लेकिन परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता नहीं रहती। वहीं, कामकाजी महिलाओं ने बताया कि वे देर रात घर लौटती हैं और उनके बच्चे भी कई बार घर पर अकेले रहते हैं, फिर भी उन्हें पहले जैसी असुरक्षा महसूस नहीं होती।कुछ महिलाओं ने कहा कि अगर कहीं छेड़छाड़ या दूसरी आपराधिक घटना होती है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। उनके अनुसार, योगी सरकार में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सतर्क रहते हैं।
Yogi vs Akhilesh: महिलाओं को 400 रुपये देने के वादे पर क्या बोले लोग?
अखिलेश यादव की ओर से महिलाओं को 400 रुपये देने के वादे पर रैली में मौजूद लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें इस तरह की आर्थिक मदद नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहती हैं कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान पर ध्यान दे।एक महिला ने कहा कि वह एलआईसी एजेंट के रूप में काम करती हैं और मेहनत करके अपना परिवार चलाती हैं। उनका मानना है कि मुफ्त की सहायता पर निर्भर रहने के बजाय लोगों को अपने काम और मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए।एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि वह मजदूरी करके अपना परिवार चलाते हैं। उनके मुताबिक, भगवान ने सभी को हाथ, पैर और दिमाग दिया है, इसलिए उन्हें अपने बच्चों की मेहनत और शिक्षा पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे खुद काम करके कमाते हैं और उन्हें किसी तरह की मुफ्त सहायता की जरूरत नहीं है।
पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कही ये बात
योगी सरकार के समर्थन में बोलते हुए कुछ लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें करते हैं और जिलों में चल रहे कामकाज की जानकारी लेते हैं। वे अधिकारियों से पूछते हैं कि उनके क्षेत्र में कौन-से विकास कार्य हो रहे हैं और किसी घटना पर क्या कार्रवाई की गई।लोगों का कहना था कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, तहसील, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सतर्क रहते हैं। उनका दावा था कि सरकार में अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है और लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाती है।एक महिला ने कहा कि वह रात 10 बजे काम से घर लौटती हैं और खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। वहीं, दूसरी महिला ने बताया कि वह रात 11 बजे तक अपने बच्चे के साथ बाहर रहती हैं और उन्हें किसी तरह का डर नहीं लगता।
Yogi vs Akhilesh: पीडीए फॉर्मूले पर लोगों ने क्या कहा?
अखिलेश यादव की ओर से पीडीए फॉर्मूले और मुस्लिम व यादव समुदाय के समर्थन को लेकर किए जा रहे दावों पर भी लोगों ने अपनी राय रखी। एक व्यक्ति ने कहा कि चुनाव में केवल दावे करने से काम नहीं चलेगा। जनता उसी नेता का समर्थन करेगी जो विकास करके दिखाएगा।उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में योगी आदित्यनाथ की ही सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में स्थिति साफ हो जाएगी और उनके इस अनुमान को याद रखा जाना चाहिए।एक अन्य व्यक्ति ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राजनीति विरासत में मिली है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें जनता के लिए कुछ ठोस काम करके दिखाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं को चुनेगी जो विकास को प्राथमिकता देंगे।एक व्यक्ति ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासन में विकास के बजाय अपराधियों को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और प्रदेश को ऐसे ही नेतृत्व की जरूरत है।
योगी और बुलडोजर कार्रवाई पर क्या बोले लोग?
अखिलेश यादव की ओर से योगी आदित्यनाथ को घुसपैठिया कहे जाने के मुद्दे पर एक महिला ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक संत और मठ के प्रमुख हैं। उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ को सत्ता से ज्यादा जनसेवा में रुचि है और वे लंबे समय से लोगों की सेवा करते आए हैं।महिला ने विश्वास जताया कि योगी आदित्यनाथ तीसरी बार भी मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता उनके साथ है।वहीं, कुछ लोगों ने योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताते हुए बुलडोजर बाबा के नारे भी लगाए। उनका कहना था कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
Yogi vs Akhilesh: हिंदू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश
रैली में शामिल श्वेता चौधरी ने हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि वह हिंदू हैं, लेकिन उनके साथ मौजूद व्यक्ति को वह अपना भाई मानती हैं और बचपन से उन्हें राखी बांधती आ रही हैं।श्वेता ने बताया कि उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बीए, एमए और एलएलबी की पढ़ाई की है और वहां रहकर उन्होंने अलग-अलग समुदायों के लोगों को करीब से देखा है। उनके अनुसार, धर्म के आधार पर लोगों के बीच मतभेद पैदा करने का काम राजनीतिक दलों की सोच से होता है।उन्होंने कहा कि समाज में सभी धर्मों के लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उनके मुताबिक, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भारत माता के नागरिक हैं और देश में विकास की राजनीति होनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ केवल हिंदुओं को नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी मिल रहा है। मकान और दूसरी सरकारी सुविधाओं का लाभ सभी वर्गों के लोगों को मिलना चाहिए।एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि लोकतंत्र में हर भारतीय को बराबर अधिकार मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार में सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की बात होती है। उन्होंने दावा किया कि गरीबों को मकान, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं मिली हैं और विकास के कामों में सभी वर्गों को शामिल किया जा रहा है।
बंगाल से आए व्यक्ति ने योगी और मोदी सरकार को दिया समर्थन
रैली में पश्चिम बंगाल से आए एक व्यक्ति ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनकी एक छोटी फैक्ट्री है, जिसमें काम करने वाले सभी कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं।उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि वहां भी सत्ता परिवर्तन होगा। उन्होंने राज्य में बांग्लादेश से आए लोगों के बसने को लेकर भी आपत्ति जताई।इस व्यक्ति ने बताया कि उन्हें लीवर कैंसर हुआ था और इलाज के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार से 5 लाख रुपये की सहायता मिली थी। इसके अलावा, पीएम केयर्स फंड से 8 लाख रुपये और केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 15 लाख रुपये की मदद मिलने की बात कही।उन्होंने बताया कि लीवर ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें कुल मिलाकर लगभग 3 लाख रुपये खर्च करने पड़े। उनका इलाज दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल में हुआ था। उन्होंने बताया कि बीमारी चौथे चरण में पहुंच चुकी थी और ट्रांसप्लांट दिसंबर 2025 में हुआ।उन्होंने अपने इलाज में मिली आर्थिक मदद के लिए योगी और मोदी सरकार का आभार जताया। इस दौरान उन्होंने अपने इलाज से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए।
Yogi vs Akhilesh: कैंसर के इलाज के लिए 7 लाख की मदद का दावा
रैली में मेरठ जिले के रहने वाले बाबू वसीम नाम के एक व्यक्ति ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह कैंसर से पीड़ित हैं और योगी सरकार की एक योजना के तहत उन्हें इलाज के लिए 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।उन्होंने कहा कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट और इलाज से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। उनके मुताबिक, सहायता राशि के लिए उनकी फाइल लखनऊ सचिवालय भेजी गई थी और वहां से डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की व्यवस्था की गई।बाबू वसीम ने कहा कि उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार की ओर से उठाया गया। उन्होंने इसके लिए योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया।
2027 में योगी या अखिलेश, जनता की पसंद कौन?
जब लोगों से पूछा गया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे योगी आदित्यनाथ या अखिलेश यादव में से किसे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, तो ज्यादातर लोगों ने योगी आदित्यनाथ का नाम लिया।कई लोगों ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ दोबारा सत्ता में आएंगे और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी समर्थन किया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में योगी और केंद्र में मोदी सरकार रहने से विकास के काम आगे बढ़ेंगे।वहीं, रैली में शामिल महिलाओं ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं को अपने समर्थन की मुख्य वजह बताया। दूसरी ओर, कुछ लोगों ने रोजगार, मेहनत और बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।खबर इंडिया के इस वीडियो में लोगों ने अपनी राजनीतिक पसंद, मौजूदा सरकार के कामकाज और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर विचार रखे। हालांकि, ये सभी प्रतिक्रियाएं रैली में शामिल लोगों की व्यक्तिगत राय और दावे हैं। चुनाव में जनता का अंतिम फैसला 2027 में मतदान के बाद ही सामने आएगा।








