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‘2027 में फिर योगी सरकार’, अखिलेश के दावों पर जनता का जवाब, मोदी से लेकर बुलडोजर तक इन मुद्दों पर खुलकर बोले लोग

योगी सरकार के कामकाज पर जनता ने क्या कहा?
योगी सरकार के कामकाज पर जनता ने क्या कहा?

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं। एक तरफ विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर वोट चोरी, महिला सुरक्षा और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी समर्थक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बयानों को लेकर भी लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी बीच खबर इंडिया ने दिल्ली में लोगों से बातचीत कर उत्तर प्रदेश की राजनीति, योगी सरकार के कामकाज और आने वाले चुनाव को लेकर उनकी राय जानने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोगों ने खुलकर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया, तो कुछ ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।

UP Election 2027: 2027 में योगी आदित्यनाथ को लेकर क्या है लोगों की राय?

खबर इंडिया से बातचीत में कई लोगों ने कहा कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और योगी आदित्यनाथ के समर्थन में खड़े हैं। कुछ लोगों ने तो योगी आदित्यनाथ को भविष्य में प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा भी जताई। उनका कहना था कि विपक्षी दलों का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है, इसलिए वे एकजुट होकर सरकार का विरोध कर रहे हैं।एक महिला ने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी कोशिश कर ले, नरेंद्र मोदी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। कुछ लोगों ने अखिलेश यादव के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश से योगी सरकार को हटाने की बात कही है।

राहुल गांधी और विपक्ष पर लगाए आरोप

कुछ लोगों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उनके मुताबिक, वोट चोरी का मुद्दा केवल बीजेपी को घेरने का बहाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल पहले आपस में एक-दूसरे के खिलाफ रहते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी को हटाने के लिए एक साथ आ गए हैं।एक व्यक्ति ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्पष्ट नहीं हैं, वे देश को बचाने की बात कैसे कर सकते हैं। इस दौरान कुछ लोगों ने कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं।वहीं, कुछ समर्थकों ने कहा कि बीजेपी सरकार देश के हित में काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ तथा केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री विकास से जुड़े काम कर रहे हैं।

UP Election 2027: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को लेकर नाराजगी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ लोगों का कहना था कि प्रदर्शन के नाम पर बार-बार सार्वजनिक जगहों पर भीड़ जुटाने से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दों को उठाकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।कुछ लोगों ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को लेकर दावा किया कि उन्हें पैसे देकर भीड़ में शामिल किया जाता है। एक व्यक्ति ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों को 300 रुपये देने का वादा किया गया था, जबकि उन्हें पूरी रकम नहीं मिली। हालांकि, ये आरोप बातचीत में शामिल लोगों की ओर से लगाए गए थे।एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि युवाओं को धरने पर बैठाने के बजाय उन्हें शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन देना चाहिए।

10 तारीख को जंतर-मंतर पर हुए विवाद का भी किया जिक्र

कुछ लोगों ने 10 तारीख को जंतर-मंतर पर हुए कथित विवाद का जिक्र किया। उनका आरोप था कि नवरात्रि के दौरान वे जंतर-मंतर से मंदिर जा रहे थे, तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी पर लिखे ‘जय श्रीराम’ के नारे पर आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि गाड़ी पर थूका गया और लात-घूंसों से हमला किया गया।उनका कहना था कि जब दिल्ली पुलिस ने उनकी मदद की, तो राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा वीडियो साझा किया। लोगों ने आरोप लगाया कि वीडियो के साथ उनके संगठन और समर्थकों की छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो में जिस व्यक्ति को लड़की बताया गया था, वह वास्तव में लड़का था।कुछ लोगों ने कहा कि हिंदू धर्म या प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हालांकि, इस दौरान कुछ लोगों ने विरोधियों के खिलाफ हिंसक और अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

UP Election 2027: अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के पुराने कार्यकाल पर सवाल

अखिलेश यादव को लेकर कुछ लोगों ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री रहते प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं थी। उसने दावा किया कि उस समय पुलिस थानों में राजनीतिक प्रभाव था और ग्रामीण इलाकों में भैंस चोरी जैसी घटनाओं पर शिकायत करने के बावजूद लोगों की सुनवाई नहीं होती थी।कुछ लोगों ने आजम खान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी उस समय राजनीतिक प्रभाव की चर्चा होती थी। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता था।इन लोगों का कहना था कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल की तुलना में योगी सरकार के समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है।

बुलडोजर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पर क्या बोले लोग?

योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी लोगों ने अपनी राय रखी। कुछ लोगों ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि बुलडोजर कार्रवाई धर्म के आधार पर होती है। उनका कहना था कि कार्रवाई किसी व्यक्ति के धर्म को देखकर नहीं, बल्कि गलत काम और अपराध के आधार पर होनी चाहिए।एक महिला ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना गलत नहीं है। उन्होंने अपने इलाके के ढूंढेड़ा क्षेत्र में एक युवक की हत्या से जुड़े मामले का जिक्र किया। उनके मुताबिक, एक युवक को बकरा काटने के लिए ले जाने के बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में सरकार की ओर से कार्रवाई करना जरूरी है।कुछ लोगों ने उत्तराखंड में घुसपैठ के मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को खुद अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि वे दूसरों पर घुसपैठ और विदेशी फंडिंग जैसे आरोप लगा रहे हैं।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की तारीफ

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कई महिलाओं और पुरुषों ने योगी सरकार के कामकाज की सराहना की। उनका कहना था कि 2017 से पहले प्रदेश में गुंडागर्दी की वजह से महिलाएं शाम के बाद घर से बाहर निकलने में डरती थीं। लेकिन अब महिलाएं रात में भी नौकरी के लिए घर से निकलती हैं और बिना किसी डर के वापस लौटती हैं।एक महिला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद महिलाओं में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि आज महिलाएं बढ़-चढ़कर सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं और नौकरी के लिए रात में भी बाहर जा रही हैं।उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उनका कहना था कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें संसद में महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।कुछ लोगों ने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ का परिवार भले ही पारंपरिक अर्थों में न हो, लेकिन प्रदेश की महिलाएं और आम जनता ही उनका परिवार हैं। इस दौरान महिलाओं ने नारे लगाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ का परिवार उत्तर प्रदेश की जनता है।

UP Election 2027: विकास, सड़क और सरकारी योजनाओं को लेकर क्या कहा?

योगी सरकार के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए लोगों ने सड़कों की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा में सुधार का जिक्र किया। एक व्यक्ति ने खुद को एनडीएमसी से सेवानिवृत्त सहायक अभियंता बताया, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने बैंक मैनेजर पद से रिटायर होने की जानकारी दी।दोनों ने योगी सरकार के कामकाज को अच्छा बताया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में पहले की तुलना में काफी प्रगति हुई है और सड़कें बेहतर हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता दरबार लगाकर गरीबों सहित अलग-अलग वर्गों के लोगों की समस्याएं सुनती है।विपक्ष के इस आरोप पर कि बीजेपी सरकार लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है, कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता। उनके मुताबिक, सरकार जनता के लिए काम कर रही है और विपक्ष के पास सरकार का विरोध करने के लिए कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।

वोट चोरी के आरोपों पर भी उठाए सवाल

बीजेपी पर चुनाव में वोट चोरी करने के आरोपों को लेकर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि बीजेपी वोट चोरी करके चुनाव जीतती है, तो उसे दूसरे चुनावों के नतीजों पर भी सवाल उठाने चाहिए।एक महिला ने विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बैलेट पेपर से मतदान हुआ था। ऐसे में अगर विपक्ष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाता है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में बीजेपी को जीत कैसे मिली।उनका कहना था कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के प्रति लोगों का समर्थन ही चुनावी जीत की एक बड़ी वजह है। वहीं, अखिलेश यादव के 2027 में योगी सरकार को हटाने के दावों पर उन्होंने कहा कि उनके दावे पहले भी कई बार पूरे नहीं हुए हैं और अंतिम फैसला जनता ही करेगी।

UP Election 2027: शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा

कुछ लोगों ने कहा कि विपक्ष युवाओं को रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए रास्ता दिखाने के बजाय उन्हें धरने-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है। उनके मुताबिक, इससे युवाओं का समय और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझाने की जरूरत है कि वे अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल करके नौकरी कैसे हासिल कर सकते हैं और अपने पैरों पर कैसे खड़े हो सकते हैं। इसके बजाय उन्हें बार-बार विरोध प्रदर्शनों में बैठाना उचित नहीं है।वहीं, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार के कामकाज को लेकर विपक्ष की आलोचना पर कुछ लोगों ने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों में भी काम कर रही है, लेकिन विपक्ष मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों को ज्यादा महत्व दे रहा है।

योगी की पदयात्रा और 2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले लोग?

योगी आदित्यनाथ की ओर से लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के नारे के साथ निकाली जा रही पदयात्रा को लेकर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने कहा कि प्रदेश में अराजकता विपक्षी दल फैला रहे हैं, क्योंकि वे किसी न किसी मुद्दे पर प्रदर्शन करके सरकार को घेरने की कोशिश करते रहते हैं।वहीं, विपक्ष के इस दावे पर कि 2027 में बुलडोजर का रुख बदल जाएगा और योगी आदित्यनाथ को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा, लोगों ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। उनका मानना है कि योगी आदित्यनाथ एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।हालांकि, इस दौरान कुछ लोगों ने माना कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले युवा भी इसी देश के नागरिक हैं और उनकी शिक्षा से जुड़े मुद्दे पहले भी महत्वपूर्ण रहे हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि लगातार विरोध प्रदर्शन करने से दिल्ली के आम लोगों को परेशानी होती है।

UP Election 2027: मंदिर-मस्जिद की राजनीति के आरोपों पर अलग राय

योगी सरकार पर मंदिर-मस्जिद की राजनीति करने के आरोप को लेकर कुछ लोगों ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को उठाता है। उनके मुताबिक, सरकार का काम केवल धार्मिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य क्षेत्रों में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि विपक्ष को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए। वहीं, बीजेपी समर्थकों का दावा था कि योगी सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की सुरक्षा और विकास है।