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Hong Kong Fire: भीषण आग से तबाही, Tai Po के हाई-राइज़ कॉम्प्लेक्स में 44 की मौत, 279 लोग हुए लापता

Hong Kong Fire

Hong Kong Fire: हॉन्गकॉन्ग के Tai Po ज़िले में स्थित विशाल आवासीय कॉम्प्लेक्स Wang Fuk Court बुधवार दोपहर अचानक तबाही का मैदान बन गया, जब मरम्मत के दौरान निकली एक चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को आग की लपटों से घेर लिया। दोपहर करीब 2:51 बजे शुरू हुई यह आग तेज़ हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सात ऊँची इमारतें इसकी चपेट में आ गईं। चारों ओर लगी बाँस की स्कैफोल्डिंग, प्लास्टिक नेटिंग और स्टायरोफोम शीट्स ने आग को और भड़काने का काम किया।

कई लोग फंसे फ्लैट में

Wang Fuk Court आठ बड़े टावरों का समूह है, जिसमें 4,800 से अधिक निवासी रहते हैं। दुर्भाग्य से घटना के समय कई इमारतों में नवीनीकरण का काम जारी था, जिससे आग और तेज़ी से फैल गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फायर ब्रिगेड को आते ही इसे लेवल-5 इमरजेंसी घोषित करना पड़ा, जो हॉन्गकॉन्ग में आग की सबसे गंभीर श्रेणी है। लगभग 120 फायर ट्रक, 57 एम्बुलेंस और 800 से ज़्यादा फायरफाइटर्स मौके पर पहुँच गए, लेकिन गिरती स्कैफोल्डिंग और तेज़ गर्मी ने राहत कार्य को बेहद कठिन बना दिया।

Hong Kong Fire: बालकनियों में फँसे लोग, खिड़कियों से मदद की पुकार

सैकड़ों लोग अपने फ्लैट्स में फँस गए। कई लोग बालकनियों से हाथ हिलाकर मदद माँगते दिखे, जबकि कुछ खिड़कियों से बाहर झाँकते हुए किसी सुरक्षात्मक रास्ते की तलाश कर रहे थे। धुएँ की वजह से कई लोग बेहोश हो गए। डर और मजबूरी में कुछ लोगों ने ऊँची मंज़िलों से कूदने की कोशिश भी की, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हो गए। शाम होते-होते हालात और खराब हो रहे थे और चारों ओर बेचैनी और चीख़-पुकार बनी हुई थी।

44 लोगों की मौत की पुष्टि

रात तक इस हादसे का दर्दनाक सच सामने आने लगा। अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक बहादुर फायरफाइटर भी शामिल है। 70 से अधिक लोग गंभीर घायल हैं और अस्पतालों में उनका इलाज जारी है। लगभग 900 लोगों को पास के अस्थायी राहत केंद्रों में रखा गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 279 लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है। उनके परिवारों की हालत बेहद खराब है और कई लोग अपने प्रियजनों की तस्वीरें हाथ में लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।

Hong Kong Fire: जाँच में हुआ बड़ा खुलासा

आग पर काबू पाने के बाद पुलिस और विशेषज्ञों ने तुरंत इमारतों की बाहरी सामग्री की जाँच शुरू की। शुरुआती जांच में साफ हुआ कि नवीनीकरण में इस्तेमाल की गई हरी प्लास्टिक नेटिंग फायर-रेसिस्टेंट नहीं थी। इसके साथ ही प्लास्टिक की परतें और स्टायरोफोम शीट्स आग को बेहद तेजी से फैलाने में जिम्मेदार थीं। माना जा रहा है कि निर्माण कंपनी ने सुरक्षा मानकों को गंभीर रूप से नजरअंदाज़ किया था और इसी लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कंस्ट्रक्शन सलाहकार और दो बिल्डिंग कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है और उन पर ग्रॉस नेग्लिजेंस व मैन्स्लॉटर के आरोप लगाए हैं।

मलबे में तलाश अभी भी जारी, परिजनों में गुस्सा और दुख दोनों

घटना के अगले दिन भी इमारतों के कई हिस्सों से धुआँ उठता रहा और फायरफाइटर्स खतरनाक परिस्थितियों में फँसे हुए लोगों की तलाश में लगे रहे। कई मंज़िलें आग से इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि किसी भी समय ढहने का खतरा बना हुआ है, जिससे बचाव कार्य बहुत मुश्किल हो गया है। इधर परिजनों में बेहद गुस्सा है। कई लोग आँसुओं में डूबे पूछते दिखे कि अगर सुरक्षा सामग्री सही होती और निरीक्षण एजेंसियों ने अपना काम समय पर किया होता, तो क्या उनके प्रियजन आज जीवित होते?

Hong Kong Fire: Xi Jinping ने दिया निर्देश 

इस भयानक हादसे ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी ध्यान खींचा। उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए आदेश दिया कि लापता लोगों को खोजने में किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए और घायलों व बेघर हुए परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। हॉन्गकॉन्ग सरकार ने इसे शहर के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया है।

इमारत सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल

यह हादसा केवल एक आग नहीं, बल्कि हॉन्गकॉन्ग की ऊँची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कंपनियों की जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल है। लोग कह रहे हैं कि अगर समय पर निरीक्षण होता, सही सामग्री लगाई जाती और इमरजेंसी रिस्पॉन्स तेज़ होता, तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं। इस घटना के बाद शहर में डर और गुस्सा दोनों फैल गया है और लोग नए सिरे से बिल्डिंग सेफ्टी कानूनों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

लेखक: निशी शर्मा

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