West Bengal: हाल ही में केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर चल रही मनरेगा ग्रामीण रोजगार योजना के नाम को बदल कर विकसित भारत जी रामजी नाम से संसद में पारित कर पास करवाया। इस पर चर्चा भी हुई थी, विपक्ष ने नाम बदलने का विरोध किया था, पर सरकार ने विपक्ष की बात को न मानते हुए पूरी योजना की ओवर हालिंग कर दी। केंद्र सरकार का मानना है कि विकसित भारत की परिकल्पना ही नये नाम का आधार है, जिसका उद्येश्य 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित करना है।
West Bengal: लेकिन बंगाल में ममता बनर्जी ने महात्मा गांधी के नाम को हटाने का विरोध कर केंद्र सरकार को काफी खरी-खोटी सुनाई। केंद्र सरकार ने मनरेगा की राशि, बंगाल को 2021 से बंद करवा दी थी। इस कारण ममता बनर्जी ने 2024 से कर्मश्री योजना शुरू की थी। केंद्र का आरोप है कि मनरेगा की निधि बंगाल को पहले से मिलती रही, पर इस निधि को बंगाल में भ्रष्टाचार के कारण रोक दिया गया था। केंद्र के द्वारा निधि रोकने के कारण बंगाल सरकार हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची।
विवादों से निकलकर विकसित भारत जी राम जी संसद से कानून का रूप निश्चित तौर पर ले चुका है। अब भविष्य ही बतायेगा कि यह ग्रामीण योजना कितनी कारगर होगी, और किस स्तर तक भारत विकसित होगा।
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