ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » खीरी में चरमराई यातायात व्यवस्था, गुरु नानक स्कूल और नहर पुलिया पर थमी शहर की रफ्तार, मासूमों से भरी स्कूली वैन घंटों जाम में फंसी

खीरी में चरमराई यातायात व्यवस्था, गुरु नानक स्कूल और नहर पुलिया पर थमी शहर की रफ्तार, मासूमों से भरी स्कूली वैन घंटों जाम में फंसी

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला क्षेत्रफल के हिसाब से भले ही विशाल हो, लेकिन इसके मुख्यालय लखीमपुर शहर की सड़कें अब बढ़ते यातायात का दबाव झेलने में नाकाम साबित हो रही हैं। शहर की यातायात व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है। एक बार फिर इसका सबसे भयावह रूप गुरु नानक स्कूल और नहर पुलिया के पास देखने को मिला, जहाँ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घंटों तक पूरा इलाका चक्का जाम की स्थिति में रहा, जिससे हजारों लोग सड़कों पर फंसे रहे।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

इस जाम का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि छुट्टी के समय दर्जनों स्कूली वैन और बसें इसमें फंस गईं। भीषण गर्मी और वाहनों से निकलते धुएँ के बीच मासूम बच्चों को घंटों तक परेशान होना पड़ा। इस दौरान जाम में फंसे छोटे बच्चे भूख-प्यास से परेशान दिखे। जबकि बच्चों के समय पर घर न पहुँचने से अभिभावकों में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ जाती, तो ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होती?

Lakhimpur Kheri: नहर पुलिया बना जाम का केंद्र

शहर की नहर पुलिया अब जाम का स्थायी केंद्र बन चुकी है। यह इलाका कई प्रमुख मार्गों को जोड़ता है, लेकिन यहाँ दिन में 10 से 12 बार जाम लगना आम बात हो गई है। पुलिया की संकरी बनावट और बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बावजूद अब तक किसी वैकल्पिक मार्ग या ओवरब्रिज की ठोस योजना नहीं बनी। सड़क किनारे अतिक्रमण, ठेले और अव्यवस्थित पार्किंग स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। पीक ऑवर्स में यातायात पुलिस की तैनाती नाकाफी नजर आती है। इस जाम का असर केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं। गुरु नानक स्कूल के आसपास के व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुँच पाते, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी मार्ग से जुड़े निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों तक पहुँचने में एम्बुलेंस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन के बजाय स्थायी समाधान की मांग की है। व्यस्त समय में वन-वे व्यवस्था और भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय किया जाए। नहर पुलिया के आसपास से अतिक्रमण हटाकर सड़क की पूरी चौड़ाई का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। गुरु नानक स्कूल से नहर पुलिया तक फ्लाईओवर या वैकल्पिक बाईपास की योजना पर शीघ्र काम शुरू किया जाए।

ये भी पढ़े… संवेदनशील एसपी की साख पर बट्टा? दो गांवों में 8 चोरियों ने थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल?

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल