ख़बर का असर

Home » पश्चिम बंगाल » चुनाव से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट विवाद, दिलीप घोष का बड़ा दावा

चुनाव से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट विवाद, दिलीप घोष का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है

bengal news: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दबाव में काम किया, जिसके कारण वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।

बीएलओ पर टीएमसी के दबाव में काम करने का आरोप

दिलीप घोष ने कहा कि राज्य के कई बीएलओ ने राजनीतिक दबाव में नियमों को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से मतदाता सूची में गलत नाम जोड़े गए और कई असली मतदाताओं के नाम हटाए गए। घोष के अनुसार, अब इस प्रक्रिया की गहन जांच होगी और लाखों नाम सूची से बाहर किए जा सकते हैं।

bengal news: गलतियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि यदि वोटर लिस्ट में एक भी नाम गलत तरीके से जोड़ा गया पाया गया, तो संबंधित बीएलओ को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिनमें कारण बताओ नोटिस से लेकर जेल तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। घोष ने दो टूक कहा कि मतदाता सूची को पूरी तरह साफ किया जाएगा और किसी भी तरह की हेरफेर बर्दाश्त नहीं होगी।

bengal news: प्रधानमंत्री मोदी की रैली पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के नादिया में खराब मौसम के कारण टेलीफोन के जरिए जनसभा को संबोधित करने पर दिलीप घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे राज्य की स्थिति पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि मोदी किसी विशेष समुदाय या समूह को नहीं, बल्कि पूरे देश और बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हैं।

चुनाव आयोग की तैयारी और नई व्यवस्था

इधर, 11 दिसंबर को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद चुनाव आयोग असंतुष्ट और अनमैप्ड वोटरों की सुनवाई की तैयारी कर रहा है। यह प्रक्रिया 25 दिसंबर के बाद शुरू होगी। आयोग ने सुनवाई को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने का फैसला किया है, जिसमें हर वोटर को अलग अकाउंट मिलेगा। साथ ही, केंद्र सरकार के विभिन्न संगठनों से 4,000 से अधिक माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे, जो पूरी कार्रवाई पर नजर रखकर अपनी रिपोर्ट सीधे आयोग को सौंपेंगे।

ये भी खबरें पढ़े… संपत्ति विवाद में बेटे की हत्या के बाद पिता की भी मौत, अलीगढ़ में डबल मर्डर से हड़कंप 

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल