Digvijay Singh: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा RSS और BJP के संगठनात्मक ढांचे की तारीफ करने वाला पोस्ट पार्टी के भीतर विवाद की वजह बन गया है। उनके बयान पर कई कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे पार्टी की विचारधारा के खिलाफ बताया है।
मणिकम टैगोर और पवन खेड़ा का तीखा पलटवार
तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने दिग्विजय सिंह के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि RSS नफरत फैलाने वाला संगठन है और अलकायदा जैसी मानसिकता के साथ काम करता है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “RSS से सीखने जैसा कुछ नहीं है। गोडसे से जुड़े संगठन से गांधी द्वारा स्थापित संगठन क्या सीख सकता है?”
Digvijay Singh: कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस और बयानबाजी
रविवार को कांग्रेस पार्टी का 140वां स्थापना दिवस दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में मनाया गया। इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज हो गई।
क्या था दिग्विजय सिंह का विवादित पोस्ट
27 दिसंबर को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने लिखा कि उन्हें Quora साइट पर एक तस्वीर मिली, जो बेहद प्रभावशाली है। पोस्ट में उन्होंने RSS के जमीनी कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा को संगठन की शक्ति बताया और अंत में “जय सिया राम” लिखा। पोस्ट पर विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने केवल संगठन की ताकत की बात की है। उन्होंने साफ किया कि वे RSS, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी नीतियों के घोर विरोधी हैं और जो कहना था, वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कह चुके हैं।
Digvijay Singh: कांग्रेस में संगठन को लेकर पुरानी बहस
इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में दिग्विजय सिंह ने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए BJP की तर्ज पर काम करने की बात कही थी। माना जा रहा है कि उसी संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की।
‘संगठन’ नहीं, ‘संघटन’ शब्द पर उठा सवाल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में ‘संगठन’ की जगह जानबूझकर ‘संघटन’ शब्द का इस्तेमाल किया। विशेषज्ञों के मुताबिक यह शब्द चयन महज गलती नहीं, बल्कि संघ की ताकत और प्रभाव की ओर इशारा करने वाली सोची-समझी राजनीतिक टिप्पणी हो सकती है।
नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
Digvijay Singh: मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में कांग्रेस द्वारा बनाए गए संस्थानों को कमजोर किया है। RSS-BJP ने राष्ट्रीय प्रतीकों और संविधान का अनादर किया है। शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस 140 साल पुरानी पार्टी है और हर संगठन को बेहतर बनाने की गुंजाइश होती है। दिग्विजय ने क्या कहा, यह उनसे ही पूछा जाना चाहिए। सचिन पायलट ने कहा कि विपक्ष एकजुट है और हर नेता को अपनी राय रखने का अधिकार है। मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि गोडसे के संगठन से नफरत के अलावा कुछ भी सीखने को नहीं है।
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