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राजनीति में सेवा का ‘पलिया मॉडल’, नववर्ष पर विधायक रोमी साहनी ने जरूरतमंदों की मदद कर शीतलहर में बांटी मानवता की गर्माहट

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में जहां शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को ठहराव में डाल दिया है, वहीं लखीमपुर खीरी की पलिया विधानसभा से जनसेवा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। नववर्ष के अवसर पर भाजपा विधायक रोमी साहनी ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए 5000 से अधिक जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर मानवता की मिसाल पेश की।

सेवा पर्व के रूप में मनाया नववर्ष

जब देश के अधिकांश हिस्सों में नववर्ष का स्वागत उत्सव और आयोजनों के साथ किया जा रहा था, तब भारत-नेपाल सीमा से सटे पलिया क्षेत्र में यह दिन ‘सेवा पर्व’ के रूप में मनाया गया। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच आयोजित इस वृहद कंबल वितरण कार्यक्रम में वृद्धों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और दिहाड़ी मजदूरों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

Lakhimpur Kheri: अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विधायक

कार्यक्रम के दौरान विधायक रोमी साहनी स्वयं पंक्ति में खड़े होकर अंतिम जरूरतमंद तक पहुंचे और उन्हें कंबल ओढ़ाया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सत्ता केवल व्यवस्था चलाने का माध्यम नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को राहत देने का जरिया है। इस ठंड में एक कंबल किसी गरीब के लिए सुरक्षा कवच बन जाता है। जनसेवा मेरा संकल्प है और पलिया का हर नागरिक मेरा परिवार।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अहम पहल

राजनीति में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती दूरी की चर्चा के बीच रोमी साहनी की यह पहल जनसेवा के उस मूल भाव को रेखांकित करती है, जिसके लिए लोकतंत्र जाना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही निरंतर सेवा परंपरा का हिस्सा है, जिसे विधायक निजी संसाधनों से निभाते आ रहे हैं।

Lakhimpur Kheri: सामाजिक प्रभाव भी दिखने लगा

इस आयोजन का प्रभाव न केवल पलिया बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड में इतने बड़े पैमाने पर कंबल वितरण से जरूरतमंदों को राहत मिली है और अन्य सामाजिक संगठनों व सक्षम लोगों को भी आगे आने की प्रेरणा मिली है। जिला प्रशासन ने भी इस पहल की सराहना की है, क्योंकि इससे सरकारी सहायता तंत्र पर पड़ने वाला दबाव भी कम होता है।

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