Home » उत्तर प्रदेश » लखीमपुर में यमदूत बने ओवर-हाइट वाहन, प्रशासन की चुप्पी से राहगीरों की जान जोखिम में

लखीमपुर में यमदूत बने ओवर-हाइट वाहन, प्रशासन की चुप्पी से राहगीरों की जान जोखिम में

Lakhimpur Kheri
Spread the love

Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी के जनपद के नगर मोहम्मदी में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते ओवर-हाइट वाहन आम जनमानस के लिए काल साबित हो रहे हैं। नगर के मुख्य अंबेडकर चौराहे और भीलवाड़ा इलाके में रोजाना गन्ना और भूसी से लदे ओवर-हाइट ट्रकों की आवाजाही ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों की नींद उड़ा दी है। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर चल रहे इन वाहनों के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।

हादसों का केंद्र बना अंबेडकर चौराहा

नगर का सबसे व्यस्त इलाका माना जाने वाला अंबेडकर चौराहा और भीलवाड़ा मार्ग इन दिनों असुरक्षित हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूसी और गन्ने से लदे ट्रक क्षमता से अधिक ऊंचाई तक भरे होते हैं। ये ट्रक अक्सर बिजली के झूलते तारों से टकरा जाते हैं या मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। इन वाहनों से गिरती हुई भूसी और गन्ने के टुकड़े पीछे चल रहे दोपहिया वाहन चालकों की आंखों में गिरते हैं, जिससे वे असंतुलित होकर गिर जाते हैं।

Lakhimpur Kheri: प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार

भीलवाड़ा इलाके के स्थानीय निवासियों ने बताया कि इन ट्रकों की वजह से न केवल राहगीर बल्कि चार पहिया वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं। ओवर-हाइट होने के कारण ये ट्रक सड़क का अधिकांश हिस्सा घेर लेते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार ये ट्रक अचानक ब्रेक लगने या खराब होने के कारण सड़क के बीचों-बीच खड़े हो जाते हैं, जो रात के अंधेरे में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

कार्रवाई की उठ रही मांग

नगर के समाजसेवियों और व्यापारियों ने स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन ओवर-हाइट और ओवर-लोड वाहनों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। वहीं इस मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि मुख्य चौराहों पर पुलिस पिकेट तैनात कर ओवर-हाइट वाहनों की जांच हो। नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रक चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। नगर के भीतर प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के लिए समय सीमा और ऊंचाई मानक निर्धारित किए जाएं।

विकास की दौड़ में शामिल मोहम्मदी नगर के निवासी आज असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इन ‘सड़क के यमदूतों’ पर लगाम लगाता है या जनता को इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा।

Report BY: संजय कुमार 

ये भी पढ़े… मेरठ के अक्षय बैसला की जेल वाली कहानी निकली झूठी, सौरभ हत्याकांड पर बनाई मनगढ़ंत स्क्रिप्ट

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments